बलरामपुर। छत्तीसगढ़-झारखण्ड बॉर्डर पर स्थित लिब्रा घाट में अवैध रेत खनन को रोकने पहुंचे वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम पर झारखंड के खनन माफिया ने हमला कर दिया। इस दौरान एक ट्रैक्टर चालक ने पुलिस पर गाड़ी चढ़ा दी, जिससे आरक्षक शिव भजन सिंह की मौके पर ही मौत हो गई।

अवैध अतिक्रमण रोकने गई टीम को मिली थी सूचना

दरअसल वन विभाग को ग्रामीणों की ओर से नदी किनारे हो रहे अवैध अतिक्रमण की सूचना मिली थी। इसी के मद्देनजर पुलिस के जवानों को लेकर वन अमला मौके पर निकला था। इसी दौरान पता चला कि ट्रैक्टर लगाकर रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। तब संयुक्त टीम मौके पर कार्रवाई के लिए पहुंची थी। जब टीम ने नदी घाट पर अवैध खनन कर रहे लोगों को रोकने की कोशिश की। इस दौरान अफरा-तफरी मच गई और रेत माफिया ने ट्रैक्टर लेकर भागते समय टीम पर हमला कर दिया। इस बीच एक ट्रैक्टर चालक ने आरक्षक शिव भजन के ऊपर गाड़ी चढ़ा दी। इस घटना में पहियों तले कुचलकर आरक्षक की मौके पर मौत हो गई।

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IG ने थाना प्रभारी को किया निलंबित

इस मामले में पुलिस द्वारा एक आरोपी को गिरफ्तार किये जाने की खबर है। उससे पूछताछ कर घटना के संबंध में जानकारी ली जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही बलरामपुर एसपी वैभव बैंकर मौके पर पहुंचे और झारखण्ड की पुलिस के साथ सामंजस्य स्थापित कर कार्रवाई के लिए दिशा-निर्देश दिया।

इस बीच घटना की जानकारी लेने के बाद IG दीपक झा ने थाना प्रभारी दिव्यकांत पांडेय को निलंबित कर दिया है। उन्होंने मीडिया को बताया कि पुलिस की टीमें हत्यारों की खोजबीन में जुटी हुई हैं।

झारखण्ड का रेत माफिया सक्रिय

बताया जा रहा है कि यह इलाका छत्तीसगढ़-झारखण्ड बॉर्डर पर स्थित है और झारखंड में रेत खनन पर रोक लगने की वजह से वहां का खनन माफिया लंबे समय से इस क्षेत्र में अवैध रेत खनन कर रहा है।