नई दिल्ली। केंद्र सरकार में काम कर रहे 50 लाख से अधिक कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनर्स के लिए राहत भरी खबर सामने आ रही है। लंबे समय से चर्चा में रहा 8वां वेतन आयोग अब लगभग तय माना जा रहा है। सूत्रों की मानें तो आयोग के गठन की प्रक्रिया अंतिम दौर में है और अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा तो यह 1 जनवरी 2026 से लागू किया जा सकता है।

सैलरी बढ़ने की तैयारी, फिटमेंट फैक्टर होगा अहम

वेतन बढ़ोतरी की गणना के लिए सबसे अहम भूमिका निभाता है फिटमेंट फैक्टर। यह एक तय गुणांक (Multiplier) होता है, जो सभी कर्मचारियों के वेतन को एक समान आधार पर बढ़ाने में मदद करता है। इस बार फिटमेंट फैक्टर के 1.90 से लेकर 2.50 के बीच रहने की संभावना जताई जा रही है। अगर यह 2.5 तक पहुंचता है, तो कर्मचारियों के वेतन में 40% तक की वृद्धि हो सकती है।

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कितना बढ़ेगा वेतन? जानिए एक उदाहरण से

मान लीजिए किसी कर्मचारी का मौजूदा मूल वेतन है ₹40,000 प्रति माह। अगर 8वें वेतन आयोग में 2.5 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो संशोधित वेतन कुछ ऐसा हो सकता है: ₹40,000 × 2.5 = ₹1,00,000 प्रति माह यानी, एक झटके में आपकी सैलरी दोगुनी के करीब पहुंच सकती है।

पेंशनभोगियों को भी मिलेगा लाभ

सिर्फ काम कर रहे कर्मचारियों को ही नहीं, बल्कि रिटायर्ड पेंशनभोगियों को भी इस आयोग से अच्छी-खासी राहत मिलने की उम्मीद है। पहले की तरह पेंशन में भी फिटमेंट फैक्टर के अनुसार संशोधन किया जाएगा, जिससे न्यूनतम पेंशन में बड़ी बढ़ोतरी संभव है।

क्या मिलेंगी नई स्वास्थ्य सुविधाएं?

पिछले 7वें वेतन आयोग के तहत सरकार ने कर्मचारियों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम की शुरुआत की थी। ऐसे में इस बार भी उम्मीद की जा रही है कि सरकार स्वास्थ्य और अन्य भत्तों को लेकर कुछ नई सुविधाएं जोड़ सकती है।

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