नेशनल डेस्क । अगर किसी ने 15 साल पहले सिर्फ 100 रुपये बिटकॉइन में लगाए होते, तो आज उसकी कीमत 23 करोड़ रुपये से भी ज़्यादा होती। ये कोई कल्पना नहीं, बल्कि हकीकत है जिसे बिटकॉइन की रिकॉर्डतोड़ बढ़त ने साबित कर दिया है।

15 साल में 100 रुपये बना 23 करोड़

जुलाई 2010 में बिटकॉइन की कीमत मात्र $0.04865 थी। वहीं, अब इसका भाव 1,11,861.22 अमेरिकी डॉलर के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया है। इस दौरान इसमें करीब 23 करोड़ गुना तक की बढ़त दर्ज की गई है। यानी जिसने 100 रुपये लगाए, उसने करोड़पति बनने का सपना सच कर लिया।

₹1,000 का निवेश = ₹230 करोड़

₹1 लाख का निवेश = ₹23,000 करोड़ यानी अरबपतियों की सूची में नाम दर्ज करवा लेने जैसा मौका!

क्यों बढ़ रही है बिटकॉइन की कीमत?

विशेषज्ञों का मानना है कि बिटकॉइन की इस बेतहाशा बढ़ोतरी के पीछे कई अहम वजहें हैं:

  • अमेरिकी सीनेट ने हाल ही में एक क्रिप्टो रेगुलेशन बिल को आगे बढ़ाया, जिससे इस मार्केट को कानूनी ढांचा मिल सकता है।
  • JP Morgan Chase जैसे बड़े बैंक अब अपने ग्राहकों को बिटकॉइन खरीदने की सुविधा दे रहे हैं।
  • 2024 की शुरुआत में अमेरिका में स्पॉट बिटकॉइन ETF को मंजूरी मिली, जिससे BlackRock और Fidelity जैसी दिग्गज कंपनियों ने सीधे इसमें निवेश करना शुरू कर दिया।
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इन सभी घटनाओं से बिटकॉइन पर निवेशकों का भरोसा और भी मजबूत हुआ है, जिससे इसकी कीमत में लगातार उछाल आ रहा है।

निवेशकों के लिए जरूरी चेतावनी

बिटकॉइन जैसे क्रिप्टो एसेट्स में निवेश करना जितना फायदेमंद हो सकता है, उतना ही जोखिम भरा भी है। बाजार की अस्थिरता और कानूनी अस्पष्टता इसे जोखिमपूर्ण बनाती है। इसलिए कोई भी निर्णय लेने से पहले किसी वित्तीय सलाहकार की सलाह जरूर लें।