नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से 12 अगस्त 2025 तक आयोजित होगा। विपक्ष द्वारा ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम आतंकी हमले को लेकर विशेष सत्र की मांग के बीच सरकार ने यह ऐलान किया। इस सत्र में बीमा संशोधन विधेयक पेश होने की संभावना है, जिसमें बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा को 100 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विधेयक का मसौदा तैयार हो चुका है और जल्द ही इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। मंजूरी मिलने पर वित्त मंत्रालय इसे संसद में लाएगा।

इससे पहले, बजट सत्र दो चरणों में आयोजित हुआ था। पहला चरण 31 जनवरी से 13 फरवरी तक और दूसरा चरण 10 मार्च से 4 अप्रैल तक चला। राज्यसभा में सभापति जगदीप धनखड़ ने बताया कि बजट सत्र में सदन की सबसे लंबी बैठक 3 अप्रैल को सुबह 11 बजे शुरू होकर 4 अप्रैल को सुबह 4:02 बजे तक चली।

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इस दौरान 49 निजी सदस्य विधेयक पेश हुए और सदन ने 159 घंटे काम किया, जिसमें आधी रात के बाद 4 घंटे शामिल थे। राज्यसभा की उत्पादकता 119 प्रतिशत रही। लोकसभा में अध्यक्ष ओम बिरला के अनुसार, 26 बैठकें हुईं और उत्पादकता 118 प्रतिशत रही। सत्र में 10 सरकारी विधेयक पेश किए गए, जिनमें वक्फ संशोधन और मुस्लिम वक्फ (निरसन) विधेयक सहित 16 विधेयक पारित हुए।