भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने देश के टॉप 5 टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब की सूची जारी की है। इसमें आईआईटी भिलाई का नाम शामिल भी है। अब आईआईटी भिलाई और सांस्थान के इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी फाउंडेशन को देश के ‘ए’ कैटेगरी की तकनीकी ​संस्थानों की श्रेणी में रखा गया है।

विशेषज्ञों का कहना है आईआईटी के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है, जब थर्ड जनरेशन के आईआईटी भिलाई ने अपने कुछ सालों के इनोवेशन और टेक्नोलॉजी पर रिसर्च कर ऐसा मुकाम हासिल किया है। अब आईआईटी भिलाई, बॉम्बे, मद्रास जैसे बड़े संस्थानों के साथ मिलकर रीसर्च और इनोवेशन का काम कर सकेगा। जिससे यहां के छात्रों को देश के बड़े विशेषज्ञों का मार्गदर्शन मिलगा।

साइबर-फिजिकल सिस्टम्स में तकनीकी नवाचार पर होगा काम शोध

आईआईटी भिलाई अब फिनटेक तकनीक पर केंद्रित राष्ट्रीय इनोवेशन सेंटर के रूप में काम करेगा। सांस्थान में स्थापित आईबीआईटीएफ के सीटीओ विष्णु वैभव द्विवेदी ने बताया कि आईआईटी भिलाई को फिनटेक इनोवेशन हब के रूप में मान्यता मिली है। यह हब भारत के नेशनल मिशन ऑन इंटरडिसिप्लिनरी साइबर-फीजिकल सिस्टम मिशन के तहत स्थापित किए जा रहे हैं, जिसका उद्देश्य साइबर-फिजिकल सिस्टम्स में नवाचार को बढ़ावा देना है।

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आईआईटी के छात्रों को वित्तीय तकनीक से जुड़े स्टार्टअप्स, शोध कार्य और तकनीकी समाधान पर काम करने के साथ-साथ दूसरे बड़े संस्थानों में जाकर काम करने का मौका मिलेगा। छात्रों के आइडिया को साकार करने देश के बड़े एक्सपर्ट भी अब मदद के लिए भिलाई पहुंचेंगे। प्रदेश की समस्याएं जैसे मेडिसिन डि​लिवरी, भूमि रिकॉर्ड प्रबंधन, टैक्स प्रबंधन, डिजिटल बैंकिंग और स्मार्ट एग्रीकल्चर जैसी समस्याओं का टेक्नोलॉजी से समाधान करेंगे।