बलरामपुर। जिले के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र स्थित डीपाडीह खुर्द गांव से एक दर्दनाक और चिंताजनक हादसा सामने आया है। यहां एक 4 साल की मासूम की तालाब में डूबने से मौत हो गई। बाच्ची पढ़ाई करने आंगनबाड़ी केंद्र गई थी, जिसके बाद उस शव तालाब पाया गया। यह घटना आंगनबाड़ी केंद्र में हो रही लापरवाही को उजागर करता है।

खेलते-खेलते तालाब पहुंची थी बच्ची

जानकारी के मुताबित बच्ची आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़ाई करने गई थी। इसी बीच वह खेलते-खेलते पास के तालाब तक जा पहुंची और फिलकर वह पानी में गिर गई। तालाब के पास किसी के मौजूद नहीं होने के कारण उसे कोई नहीं देख पाया और डूबने से बच्ची की मौत हो गई।

गांव में पसरा मातम

ग्रामीणों ने बच्ची को देखते ही उसे तालाब से बाहर निकाला लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मासूम की डबूने से मौत हो गई थी। बच्ची की मौत की खबर मिलने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में शोक की लहर छाई हुई है।

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कार्रवाई की मांग को लेकर अड़े परिजन

इस हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की लापरवाही पर सख्त नाराजगी जताई है। उन्होंने प्रशासन से सख्त कार्रवाई और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है, ताकि ऐसी घटना भविष्य में दोबारा न हो।

कठघरे में प्रशासन

इस हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर आंगनबाड़ी केंद्र कितने सतर्क हैं ? क्या आंगनबाड़ी केंद्र में कोई बच्चों की देखरेख के लिए मौजूद है ? इस तरह की घटनाएं सरकारी तंत्र की निगरानी और जवाबदेही को कठघरे में खड़ा करती हैं।

एक 4 साल की मासूम की मौत ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। यह सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक प्रणालीगत लापरवाही का नतीजा है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस लापहवाह रवैये को लेकर कितने ठोस कदम उठाता है।