रायपुर। प्रसार माध्यमों के जरिये जागरूकता के तमाम प्रयासों के बावजूद लोग ऑनलाइन ठगी का शिकार हो रहे हैं। सच तो ये है कि अनपढ़ों की बजाय पढ़े-लिखे लोग ज्यादा ठगे जा रहे हैं। राजधानी रायपुर में ऐसा ही एक वाकया सामने आया है, जिसमे एक महिला अफसर साइबर फ्रॉड का शिकार हो गईं। पुलिस ने इस मामले के दर्ज होने के बाद ठगों की तलाश शुरू कर दी है।

नवा रायपुर में आर्थिक एवं सांख्यिकी संचालनालय में पदस्थ डिप्टी डायरेक्टर माया तिवारी ठगी का शिकार हो गई। महिला ठग से सोशल मीडिया में दोस्ती कर ट्रेंडिंग कंपनी में निवेश का झांसा देकर 90 लाख ठग लिए गए। ठगी का अहसास होने के बाद महिला अधिकारी ने इसकी शिकायत थाने में दर्ज कराई है।

निवेश में अधिक रिटर्न का दिया लालच

ऑनलाइन ठगी का यह मामला राखी थाना क्षेत्र का है। महिला अधिकारी माया तिवारी आर्थिक एवं सांख्यिकी संचालनालय में डिप्टी डायरेक्टर के पद पर हैं। उन्होंने राखी थाने में शिकायत दर्ज कराई है कि 3 मार्च 2025 को उनके फेसबुक पर एक विज्ञापन आया था, जिसमें शासन के पक्ष में भारी मुनाफा कमाने का दावा किया गया था। विज्ञापन में एक लिंक को क्लिक करने को कहा गया था। लिंक को क्लिक करने पर एक वीडियो मिला, जिसमें अधिक रिटर्न का लालच दिया गया था। वीडियो के झांसे में आकर अधिकारी ने रजिस्ट्रेशन के लिए अपना नाम और ईमेल व मोबाइल नंबर दर्ज किया। थोड़ी देर बाद उनके नंबर पर जारा अली खान नाम की एक महिला ने संपर्क किया। महिला ने बुल मार्केट्स योर गेटवेज नामक ऑनलाइन ट्रेंडिंग कंपनी में निवेश कर अधिक मुनाफा कमाने का लालच दिया।

See also  नवोदय विद्यालय प्रबंधन की लापरवाही की भेंट चढ़ा होनहार छात्र, इलाज में देरी के चलते हुई मौत, पिता ने की कार्यवाही की मांग

महिला अधिकारी ने ठग के झांसे में आकर यूपीआई, आरटीजीएस और आईएमपीएस के नाम पर अलग-अलग अकाउंट में रूपये जमा करवा दिए। उनसे 3 मार्च से 23 मई 2025 तक कुल 90 लाख रूपये विभिन्न खातों में ठग ने ट्रांसफर करवा लिये गए।

पीड़िता अधिकारी को जब खुद के साथ ठगी का संदेह हुआ तो उन्होंने पैसे रिटर्न मांगे। महिला ठग ने पैसे देने से मना कर दिया, जिसके बाद महिला अधिकारी ने राखी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। अब इस मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल ठग पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिनकी तलाश पुलिस कर रही है।