टीआरपी डेस्क। पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम के ताज़ा बयान ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है। चिदंबरम के सवालों पर बीजेपी ने तीखा हमला बोला है। भाजपा नेताओं का आरोप है कि कांग्रेस हमेशा सुरक्षा एजेंसियों की नीयत पर शक करती है, लेकिन पाकिस्तान पर सवाल उठाने से बचती है।
बीजेपी बोली पाकिस्तान को क्लीन चिट क्यों?
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने चिदंबरम के बयान को पाकिस्तान को क्लीन चिट देने जैसा बताया। उन्होंने कहा, जब ये सत्ता में थे, तब भी यही लाइन दोहराते थे कि पाकिस्तान का कोई हाथ नहीं। अब फिर वही रुख अपना रहे हैं। उन्हें समझना चाहिए कि इस तरह के बयान दुश्मन को ताकत देते हैं, न कि जवाबदेही तय करते हैं।
कांग्रेस देश की नहीं, पाकिस्तान की वकालत कर रही है: अमित मालवीय
बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि जैसे ही पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का मुद्दा आता है, कांग्रेस को सबसे पहले पाकिस्तान की चिंता सताने लगती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेताओं का रवैया इस्लामाबाद के प्रवक्ता जैसा हो गया है।
कांग्रेस गद्दार संगठन बन गई: निशिकांत दुबे
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने तो कांग्रेस पर देशद्रोह तक का आरोप लगा दिया। उन्होंने कहा, आज की कांग्रेस अपनी विरासत को खुद धूमिल कर रही है। जिन लोगों ने कभी आज़ादी के आंदोलन में हिस्सा लिया, वही आज चीन और पाकिस्तान जैसे देशों से साँठगाँठ में जुटे हैं। राहुल गांधी का चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के साथ MOU इसका उदाहरण है।
अनुराग ठाकुर का तंज- पाकिस्तान से भी ज्यादा पाकिस्तान की चिंता कांग्रेस को
अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा, जब भी पाकिस्तान या आतंक की बात होती है, कांग्रेस उससे पहले बचाव में खड़ी नजर आती है। लगता है जैसे इस पार्टी की प्राथमिकता अब देश नहीं, पाकिस्तान की छवि बचाना है।
तो आखिर चिदंबरम ने क्या कहा था?
दरअसल, एक इंटरव्यू में पी. चिदंबरम ने पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर केंद्र सरकार से तीखे सवाल किए। उन्होंने पूछा:
- आतंकियों की पहचान कहां है?
- अब तक किन-किन लोगों को गिरफ्तार किया गया?
- NIA ने क्या जांच की है?
- कैसे तय किया गया कि हमलावर पाकिस्तान से आए थे?
उन्होंने कहा, क्या पता हमलावर देश के ही नागरिक हों? जब तक कोई पुख्ता सबूत नहीं, तब तक सिर्फ पाकिस्तान को दोष देना राजनीतिक फायदा उठाने जैसा लगता है।
PM की चुप्पी पर भी उठाए सवाल
चिदंबरम ने प्रधानमंत्री की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब मामला इतना संवेदनशील है तो प्रधानमंत्री को सामने आकर बात करनी चाहिए। लोकतंत्र में सवाल पूछना डर पैदा नहीं करता, जवाबदेही तय करता है।
युद्धविराम की घोषणा किसने की, सरकार बताए: चिदंबरम
चिदंबरम ने एक और बड़ा दावा किया कि युद्धविराम की घोषणा भारत सरकार ने नहीं, बल्कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की थी। उन्होंने पूछा, सरकार ये साफ क्यों नहीं कर रही कि युद्धविराम की पहल किसने की और कैसे की?


