टीआरपी डेस्क। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम की ताकत पूरी दुनिया ने देखी। ब्रह्मोस अपने आप में अद्भुत मिसाइल सिस्टम है। इसने पाकिस्तान में जो कोहराम मचाया था उसकी मार से वह अब तक पाकिस्तान उबर नहीं पाया है। लेकिन इस तकनीकि युग में तेजी से आगे बढ़ रहे कई देश हैं जो खुदको मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं। आज हम एक ऐसे मिसाइल सिस्टम की बात करेंगे जिसके सामने ब्रह्मोस जैसा मजबूत मिसाइल सिस्टम भी कमजोर साबित होगा। हम जिस सिस्टम की बात कर रहे हैं वह पूरी दुनिया के हथियारों और सैन्य संतुलन को बुरी तरह बिगाड़ सकता है।

हम बात कर रहे हैं अपने पड़ोसी देश चीन की। जहां के वैज्ञानिकों ने एक बेहद खतरनाक मिसाइल का निर्माण किया है। अगर इसके बारे में किए जा रहे दावों को सच मानें तो निश्चित तौर पर यह दुनिया की तस्वीर बदलने वाली मिसाइल सिस्टम है। इस बारे में साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने एक डिटेल रिपोर्ट का प्रकाशन किया है, रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने बियॉड विजुअल रेंज (BVR) मिसाइल का परीक्षण किया है। इस मिसाइल की रेंज 1,000 km बताई जा रही है। यह एक एयर-टु-एयर मिसाइल सिस्टम है।

6,000 km प्रति घंटे की रफ्तार

जैसा की हम सभी जानते हैं कि चीन पहला देश नहीं है जिसके पास BVR मिसाइल सिस्टम है। लेकिन चीन के इस मिसाइल की खासियत इसकी रफ्तार है जो 5 मैक की है, यानी इसकी स्पीड परीक्षण के दौरान करीब 6,112 km प्रति घंटे की बताई जा रही है। इस मिसाइल सिस्टम की सबसे बड़ी बात यह है कि ये दुनिया के सबसे आधुनिक F-35, F-22 रैप्टर, B-21 रैडर जैसे पांचवीं पीढ़ी या 5+ पीढ़ी के फाइटर जेट्स को भी 1,000 किमी दूर से नष्ट करने की क्षमता रखता है। ऐसे में यह एक बड़ा सवाल है कि राफेल, सुखोई जैसे चौथी या 4+ पीढ़ी के भारतीय फाइटर जेट्स के खिलाफ यह कितना प्रभावी होगा।

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साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन की योजना इस हथियार को संभावित संघर्ष वाले क्षेत्रों जैसे ताइवाइ और साउथ चाइना सी में तैनात करने की है। यह मिसाइल इस समय दुनिया के सबसे उन्नत हथियारों में गिना जा रहा है।

क्यों इतनी खास है ये मिसाइल ?

BVR तकनीक कोई नई तकनीक नहीं है लेकिन इस तकनीक पर इतनी लंबी दूरी की मिसाइल सिस्टम बनाना दुनिया के वैज्ञानिकों और सैन्य इंजीनियर्स के लिए आज भी एक बड़ी चुनौती है। जहां तक इस तकनीक पर आधारित मिसाइल सिस्टम की बात है तो रूस और अमेरिका के पास ऐसी मिसाइल पहले से हैं। भारत ने भी ऐसी मिसाइल विकसित की है। रूस के पास R-37M और अमेरिका के पास AIM-174B BVR मिसाइस सिस्टम है। इन मिसाइल्स की रेंज मात्र 350 से 400 km है।

जहां तक भारत की बात है तो हम अस्त्र MK-3 BVR सिस्टम बना रहे हैं। हमारी योजना है कि इसकी रेंज भी 350 से 400 km की हो। अगर चीन की इस BVR मिसाइल के बारे में किए गए दावे सही हैं तो यह पूरी दुनिया की तस्वीर बदलने वाली है। यह पूरे इलाके में शक्ति संतुलन बिगाड़ने की तकत रखती है।

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यह मिसाइल सिस्टम कितना खतरनाक ?

जहां तक इस मिसाइल सिस्टम की क्षमता की बात है तो यह मौजूदा वक्त की सबसे एडवांस डिफेंस सिस्टम पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट्स को पूरी तरह बेकार साबित कर देगी। यह अवाक्स और एईडब्ल्यू एंड सी विमानों की भी सार्थकता खत्म कर देगी। ये सभी सिस्टम दुश्मन पर वार करने से पहले ही इस मिसाइल सिस्टम से गिराए जा सकते हैं।

भारत के लिए कितना खतरा ?

चीन द्वारा विकसित इस सिस्टम से सबसे ज्यादा खतरा भारत, जापान, ताइवान और अमेरिका को है। इन देशों की पूरी एयर डिफेंस स्ट्रेटजी और एयर पैट्रोल रेंज बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। ऐसे में भारत के सामने नई चुनौती खड़ा हो गई है कि वह अपनी BVR मिसाइल की क्षमता को बढ़ाकर एक नया आयाम दे। भारत ने इस तकनीक पर आधारित अस्त्र MK-1 और MK-2 मिसाइल बनाने में सफलता हासिल तो की है लेकिन, हाइपरसोनिक स्पीड वाली MK-3 पर अब भी काम जारी है। इस पर DRDO और ISRO मिलकर काम रहे हैं।

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साल 2000 में अस्त्र सीरीज के इस मिसाइल सिस्टम पर काम शुरू हुआ था। इस दिशा में प्रगति काफी धीमी है. हमारे पास अभी केवल MK-1 BVR मिसाइल है और इसकी रेंज मात्र 80 से 110 km है। सैन्य विशेषज्ञ इसमें कई तरह की खामियां बता रहे हैं, हालांकि 2022 में रक्षा मंत्रालय ने करीब ₹3,000 करोड़ से एयरफोर्स के लिए इन मिसाइलों को खरीदने की मंजूरी दी थी। इन्हें कुछ Sukhoi-30 MKI जेट्स में लगाया गया है। MK-2 सीरीज करीब-करीब पूरा होने के कगार पर है। इसमें कमियों को दूर करने की कोशिश की जा रही है।

क्या है BRV तकनीक ?

BRV मौजूदा वक्त की सबसे एडवांस मिसाइल तकनीक है। इस तकनीक में देखने की सीमा से परे जाकर वार करने की क्षमता मिलती है, जिसके चलते इसे बियोंड विजुअल रेंज कहा जाता है। एक एयरफोर्स पायलट की आंखों से देखने की क्षमता करीब 37 km की होती है। वह इतने दूर से दुश्मन के विमानों और लक्ष्यों को निशाना बना सकता है लेकिन, BRV तकनीक बेहद एडवांस रडार, सेंसर और उन्नत नेविगेशन सिस्टम से लैस होती है। ये दिखाई नहीं देने वाले लंबी दूरी के लक्ष्यों को नष्ट करते हैं। भारत की अस्त्र मिसाइल इस सिस्टम पर आधारित है। यह खुद ही लक्ष्यों को खोजती है और पायलट के कंट्रोल से बाहर जाकर खुद हमला करती है। ये मिसाइलें फायर एंड फॉर्गेट क्षमता से लैस होती हैं।