टीआरपी डेस्क। भारत में UPI आज एक बड़ी जरूरत बन चुका है। शायद ही कोई हो जो रोजमर्रा के कामों में इसका इस्तेमाल नहीं करता हो। ग्रॉसरी खरीदनी हो, बिल पेमेंट हो या दोस्तों को पैसे भेजने हों, हर जगह इसका उपयोग किया जा रहा है। इस बीच UPI में कुछ बड़े बदलाव किए गए हैं। ये बदलाव इसके इस्तेमाल के तरीके को पूरी तरह बदल देंगे। इनमें सिर्फ छोटे-मोटे सुधार शामिल नहीं हैं। ये बड़े नियम हैं जो सीधे तौर पर आपके काम को प्रभावित कर सकते है।
बैलेंस चेक करने पर लिमिट
अगर आप बहुत ज्यादा बैलेंस चेक करते हैं तो आपको अब थोड़ा ध्यान रखना होगा। अब आप दिन में सिर्फ 50 बार ही अपना बैलेंस चेक कर पाएंगे। अपने बैंक अकाउंट की लिस्ट को आप सिर्फ 25 बार ही देख पाएंगे। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि सिस्टम पर ज्यादा लोड न पड़े। इस तरह बार-बार अपना बैलेंस चेक करनी की आदत को बदलना पड़ेगा।
ऑटो-पे का टाइम बदला
ऑटो-पे को लेकर भी अहम बदलाव किए गए हैं। आपके EMI, SIP और OTT सब्सक्रिप्शन जैसे बार-बार होने वाले UPI ऑटो-पे ट्रांजेक्शन अब सिर्फ गैर-व्यस्त समय में ही प्रोसेस किए जाएंगे। ये समय सुबह 10 बजे से पहले, दोपहर 1 से 5 बजे के बीच और रात 9:30 बजे के बाद का होगा। इसका मतलब है कि यदि आपके बिजली बिल का भुगतान सुबह 11 बजे होता था तो अब उसका भुगतान पहले या बाद में होगा। लिहाजा, रिमाइंडर सेट कर लें ताकि पेमेंट फेल न हो।
पेमेंट फेलियर पर 3 मौके
तीसरा बड़ा बदलाव फेल हुए ट्रांजेक्शन को लेकर है। अगर आपका UPI पेमेंट अनसक्सेसफुल यानी फेल हो जाता है तो आपको उसका स्टेटस चेक करने के लिए सिर्फ 3 मौके मिलेंगे। हर कोशिश के बीच 90 सेकंड का इंतजार करना होगा। यह बदलाव सर्वर पर लोड को कम करने के लिए किया गया है।
पहले दिखेगा रिसीवर का नाम
एक और सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि अब आपको पैसे भेजते समय हमेशा रिसीवर का नाम दिखाई देगा। इससे गलत पेमेंट होने से बचने में मदद मिलेगी। यह एक बहुत ही अच्छा एंटी-फ्रॉड उपाय है। इसका मतलब है कि अब आपको पेमेंट करते समय और भी ज्यादा सावधानी बरतने का मौका मिलेगा।
नहीं लगेगा GST
यहां ये बता देना जरूरी है कि UPI पर कोई GST नहीं लगेगा। यहां तक कि ₹2,000 से ज्यादा के पेमेंट भी यूजर्स के लिए फ्री हैं। व्यापारियों को अलग से कुछ चार्ज देने पड़ सकते हैं, लेकिन इससे आपके रेगुलर ट्रांसफर पर कोई असर नहीं पड़ेगा।



