रायपुर। राजधानी के बोरियाखुर्द इलाके में 25 एकड़ में अवैध प्लाटिंग और निर्माण के मामले में नगर निगम के अधिकारियों ने वालफोर्ट ग्रुप के मुखिया पंकज लाहोटी के खिलाफ प्रकरण पुलिस को सौंपा है। केवल पंकज लाहोटी ही नहीं, योगेंद्र वर्मा के खिलाफ भी पुलिस को मामला सौंपा गया है। यह पहला मौका है जब निगम ने बड़े बिल्डर और कॉलोनाइजर के खिलाफ पुलिस को कोई प्रकरण सौंपा है।

पिछले दिनों बोरिया खुर्द, न्यू संतोषी नगर और दुर्गा विहार क्षेत्र में अवैध रूप से बने 16 मकानों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें जमींदोज कर दिया गया। साथ ही 10 एकड़ में की जा रही अवैध प्लॉटिंग को भी रोका गया और जमीन को कब्जा मुक्त कराया गया। कुछ बिल्डरों द्वारा कृषि भूमि पर गुपचुप तरीके से अवैध निर्माण किया जा रहा था और मकान बेचने की तैयारी थी। जैसे ही प्रशासन को इसकी भनक लगी, निगम और तहसील प्रशासन की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बुलडोजर रवाना किया और निर्माणों को ढहा दिया।

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इस कार्रवाई में वालफोर्ट ग्रुप के पंकज लाहोटी, महेश धनगर, योगेन्द्र वर्मा और देवांगन नामक बिल्डरों के नाम सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि पंकज लाहोटी के 5 एकड़ के प्रोजेक्ट को भी बुलडोजर से ध्वस्त किया गया। इसके अलावा 8 एकड़ में की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर भी रोक लगाई गई और स्थल को सील कर दिया गया। नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि ये सभी निर्माण कार्य बिना अनुमोदन, बिना कॉलोनाइजर लाइसेंस और बिना डायवर्शन के किए जा रहे थे। साथ ही मकान खरीदारों को गुमराह कर कृषि भूमि पर रिहायशी निर्माण बेचा जा रहा था, जो पूरी तरह से अवैध है। यही मामला अब पुलिस को सौंपा गया है।

रायपुर नगर निगम के नगर निवेशक आभाष मिश्रा ने बताया कि हम नगर पालिका निगम अधिनियम 1956 की धारा 292 के तहत कार्रवाई करते हैं। अवैध प्लाटिंग को रोकने के लिए हमें प्लाटिंग एरिया को तहस-नहस करने, रोड-रास्ते काटने का अधिकार है. कानूनी कार्रवाई के लिए हम प्रकरण बनाकर पुलिस को भेज देते हैं।

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