टीआरपी डेस्क। Health Tips : आज के दौर में ज़रा सी तबीयत बिगड़ते ही लोग खुद से दवाएं लेना शुरू कर देते हैं, खासकर एंटीबायोटिक्स का सेवन आम हो गया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बार-बार एंटीबायोटिक लेने से आपकी प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी धीरे-धीरे कमजोर हो सकती है? एंटीबायोटिक दवाएं शरीर में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म करने के लिए दी जाती हैं, लेकिन ये दवाएं अच्छे बैक्टीरिया को भी नष्ट कर देती हैं, जो हमारी पाचन क्रिया और इम्युन सिस्टम को मजबूत बनाए रखते हैं। इससे इम्यून सिस्टम पर बुरा असर पड़ता है।
डॉक्टरों की मानें तो एंटीबायोटिक का इस्तेमाल तभी किया जाना चाहिए जब वह डॉक्टर द्वारा प्रिस्क्राइब की गई हो। खासकर वायरल संक्रमण जैसे सर्दी, जुकाम या फ्लू में एंटीबायोटिक की जरूरत नहीं होती क्योंकि ये वायरस पर असर नहीं करतीं। फिर भी लोग बिना जानकारी के इनका सेवन कर लेते हैं, जो नुकसानदायक हो सकता है।
लगातार और गलत तरीके से एंटीबायोटिक लेने से शरीर की बैक्टीरिया से लड़ने की ताकत घटने लगती है। इसे एंटीबायोटिक रेसिस्टेंस कहा जाता है। यानी जब कभी आपको असल में एंटीबायोटिक की जरूरत होगी, तब वो दवाएं असर नहीं करेंगी। इससे मामूली संक्रमण भी गंभीर बीमारी बन सकता है।
दिल्ली के आरएमएल अस्पताल के मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. पुनीत कुमार बताते हैं कि एंटीबायोटिक का उपयोग केवल बैक्टीरियल इंफेक्शन के लिए होता है। ये वायरल बीमारियों पर कोई असर नहीं करतीं। लेकिन जानकारी के अभाव में लोग वायरल इंफेक्शन में भी एंटीबायोटिक लेने लगते हैं, जिससे फायदा नहीं होता, उल्टा शरीर में मौजूद फायदेमंद बैक्टीरिया भी खत्म हो जाते हैं।
एंटीबायोटिक के अधिक सेवन से डायरिया, स्किन एलर्जी, पेट दर्द और फंगल इंफेक्शन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लंबे समय तक इनका अनावश्यक सेवन शरीर में सूजन, कमजोरी और कमजोर इम्युनिटी का कारण बन सकता है। ऐसे में छोटी बीमारियां भी गंभीर रूप ले सकती हैं।
क्या बरतें सावधानी?
- डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक न लें
- वायरल बुखार या सामान्य सर्दी-जुकाम में खुद से दवा लेने से बचें
- इम्युनिटी बढ़ाने के लिए नींबू, अदरक, हल्दी, तुलसी और विटामिन C का सेवन करें
- हेल्दी डाइट लें, पर्याप्त नींद लें और रोजाना थोड़ा व्यायाम करें


