टीआरपी डेस्क। भारतीय डिफेंस सेक्टर की बड़ी कंपनी NIBE Ltd. ने हाल ही में इज़रायल की प्रसिद्ध रक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी Elbit Systems से 70 mm क्लास की हवा से सतह पर मार करने वाली मिसाइल GATR यानी गाइडेड एडवांस्ड टैक्टिकल रॉकेट का सौदा किया है। शनिवार को इस सौदे की घोषणा की गई। ₹6.12 करोड़ की लागत से इसे सितंबर 2026 तक पूरा किया जाएगा। यह सौदा भारत की ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल का हिस्सा है, जिसके तहत स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को बढ़ाया जा रहा है। अब मन में सवाल उठना लाजमी है कि GATR क्या है, जो इज़रायल इसे भारत से खरीदा रहा है ?
सस्ता और टिकाऊ हथियार
GATR एक कॉस्ट-इफेक्टिव हाई प्रीसीजन वाला रॉकेट है, जिसे मध्यम दूरी के टैक्टिकल हवाई अभियानों के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी रेंज 10 km तक है और यह 100 km प्रति घंटा की रफ्तार से चल रहे लक्ष्यों को भेद सकता है। GATR में अत्याधुनिक सेमी-एक्टिव लेजर गाइडेंस सिस्टम है, जो इसे बेजोड़ सटीकता प्रदान करता है। यह 16 kg का वॉरहेड ले जा सकता है, जो 200 mm तक प्रबलित कंक्रीट को भेदने में सक्षम है। यह रॉकेट AH-64 अपाचे और HAL रुद्र जैसे कई हमलावर हेलीकॉप्टर्स के साथ इंटीग्रेट किया जा सकता है। यह इस रॉकेट की मल्टी डायमेंशनल प्रतिभा को दिखाता है।
इज़रायल को क्यों चाहिए भारत से यह रॉकेट ?
इज़रायल को भारत से GATR रॉकेट चाहिए, क्योंकि यह लागत प्रभावी और सटीक है। यह गाजा और लेबनान में हमास-हिजबुल्लाह के हमलों का जवाब देता है। इसकी 10 km रेंज और लेजर गाइडेंस इसे शहरी युद्ध के लिए आदर्श बनाता है। हमास हिजबुल्लाह के सस्ते मिसाइल्स से निपटने के लिए इज़रायल भारत की इस तकनीक की मदद लेना चाहता है।
भारतीय मिसाइल की सटीकता शानादर
NIBE Ltd. पुणे में स्थित रक्षा टेक्नोलॉजी क्षेत्र में इनोवेशन, स्वदेशीकरण और वैश्विक सहयोग पर केंद्रित है। यह कंपनी उन्नत रक्षा प्रणालियों के डिज़ाइन, निर्माण और इंटीग्रेशन में माहिर है। Elbit Systems के साथ यह साझेदारी भारत में उच्च तकनीक वाले रक्षा उपकरणों के निर्माण की दिशा में एक कदम है। NIBE Ltd. इस ऑर्डर के तहत GATR के पुर्जों का निर्माण और आपूर्ति करेगा, जिससे भारतीय सशस्त्र बलों और वैश्विक सहयोगियों के लिए मिशन की सफलता और परिचालन सुरक्षा में वृद्धि होगी।
तेजी से बढ़ रहा भारत का रक्षा बाजार
यह सौदा भारत की रक्षा निर्यात क्षमता को दर्शाता है। NIBE की यह उपलब्धि भारत को वैश्विक रक्षा बाजार में एक विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता के रूप में स्थापित करती है। यह साझेदारी तकनीकी उन्नति और रोजगार सृजन को बढ़ावा देगी। यह भारत-इजरायल रक्षा सहयोग को भी मजबूत करता है, जो हालही में हुए ऑपरेशन सिंदूर के बाद और प्रासंगिक हो गया है।


