टीआरपी डेस्क। दशकों पहले कंप्यूटर के आने पर जैसी हलचल मची थी, वैसी ही स्थिति अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर देखी जा रही है। कोई इसे लेकर आशंकित है कि नौकरियां चली जाएंगी तो कुछ लोगों को लगता है कि इससे तमाम काम आसान और पारदर्शी होंगे। इस बीच भारतीय अमेरिकी निवेशक विनोद खोसला ने बड़ा अनुमान जाहिर किया है। उनका कहना है कि अगले 5 सालों में 80% नौकरियां खत्म हो जाएंगी। एक पॉडकास्ट में विनोद खोसला ने कहा इन नौकरियों में लगे लोगों का काम AI के माध्यम से होने लगेगा।
छात्रों को बनना होगा GENERALIST
खोसला ने छात्रों को भी जागरूक करते हुए कहा कि भविष्य के छात्रों को स्पेशलिस्ट बनने की बजाय जनरलिस्ट बनना होगा यानी उन्हें तमाम चीजों की जानकारी रखनी होगी। विनोद खोसला ने उम्मीद भरी एक बात भी कही, उन्होंने कहा कि भले ही मौजूदा तमाम नौकरियां चली जाएंगी, लेकिन यह भी ध्यान देने की बात है कि कुछ अवसर भी इससे पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे अवसर भी पैदा होंगे, जिनके बारे में आज हम सोच भी नहीं सकते। ऐसी बहुत सी नौकरियां हैं, जिन्हें अभी इंसान कर रहे हैं। आगे जाकर ऐसी करीब 80% नौकरियां होंगी जिन्हें AI की मदद से किया जाएगा। ।
2040 तक दिखेगा बड़ा बदलाव
खोसला ने बताया कि वर्ष 2040 तक बहुत सी चीजें बदल जाएंगी। उन्होंने कहा कि हालात ऐसे होंगे कि कई काम तो खत्म ही हो जाएंगे। यदि कोई उन्हें करना चाहेगा तो वह उनका शौक होगा, जरूरत नहीं । विनोद खोसला का यह अनुमान ऐसे समय में आया है, जब दिग्गज टेक कंपनियों में छटनी का दौर है। इन कंपनियों का कहना है कि वे वर्कफोर्स का पुनर्गठन कर रहे हैं, लेकिन सच्चाई यही है कि चीजें बदल रही हैं। हाल ही में देश की सबसे बड़ी टेक कंपनी कही जाने वाली TCS ने 12 हजार कर्मचारियों की छटनी का ऐलान किया है। इसके अलावा नीतियों में भी कुछ बदलाव के संकेत दिए हैं, जिससे भविष्य में भी नौकरियों पर तलवार लटकती नज़र आ रही है।
एक ओर इस टेक्निक्ल युग में जहां खुदके और देश के विकास के लिए नई तकनीकों को अपनाना सभी के लिए जरूरत बन गया है, वहीं दूसरी ओर विशेषज्ञों का ऐसी अनुमान आने वाले समय के युवाओं के लिए चिंता का एक बड़ा विषय बना हुआ है। अब सावल यह है कि नई तकनीकों को अपनाना भविष्य में युवाओं के लिए वरदान साबित होता है अभिशाप ?



