टीआरपी डेस्क। आगरा की एक 11वीं की छात्रा ने देर रात करीब 10 बजे इंस्टाग्राम पर एक रील पोस्ट की जिसमें वह दाहिने हाथ में 10 गोलियां दिखा रही थी, आधे खाकर पानी पी रही थी, फिर बाकी गोलियां भी निगल रही थी। छात्रा ने कैप्शन में लिखा था “इतनी दवाई से तो काम हो ही जाएगा। गुड बाय, मिलने आ जाना, ओके।” वीडियो पोस्ट करते ही Meta AI ने उसे सुसाइड के संकेत के रूप में फ्लैग कर दिया और आगरा पुलिस की साईबर सेल को अलर्ट भेज दिया।

सिर्फ 18 मिनट में लड़की के घर पहुंची पुलिस
वीडियो पोस्ट होने के सिर्फ 18 मिनट बाद ही पुलिस लड़की के घर पहुंच गई। वहां पर पता चला कि उसे बुखार था और परिवार को कोई अग्रिम जानकारी नहीं थी, परिजन चौंक गए थे। पुलिस अंदर गई, छात्रा ने बताया कि यह रील ‘फॉलोअर्स बढ़ाने’ के चक्कर में बनाई गई थी। पुलिस ने छात्रा की काउंसलिंग की, उसे समझाया कि इस तरह के पोस्ट समाज में गलत संदेश पहुंचा सकते हैं। परिजनों को भी निगरानी रखने की हिदायत दी गई। छात्रा ने अपनी गलती स्वीकार की।
Tech. और पुलिस का उचित तालमेल
यह घटना आगरा पुलिस और Meta AI की अलर्ट प्रणाली के तालमेल का उदाहरण है, जहां अतिशीघ्र प्रतिक्रिया ने हालात की संवेदनशीलता को समझा जिससे पुलिस भी त्वरित कार्रवाई कर पाई।



