बिलासपुर। पूर्व मुख्यमंत्री एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव भूपेश बघेल ने बिलासपुर के कोटा में आयोजित सम्मलेन में हिस्सा लिया। यहां उन्होंने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार आदिवासियों की जल-जंगल-जमीन छीनकर उद्योगपतियों को सौंप रही है।
भूपेश बघेल का कोटा पहुंचने पर नाका चौक से लेकर सभा स्थल तक ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष आदित्य दीक्षित के नेतृत्व में कांग्रेसजनों ने आतिशी स्वागत किया। महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, शहर व ग्रामीण इकाइयों के पदाधिकारियों के साथ आदिवासी समाज ने पारंपरिक गमछा, पगड़ी, खुमरी पहनाकर व पुष्पमालाओं से बघेल का सम्मान किया।

सभास्थल में अपने संबोधन में भूपेश बघेल ने कहा कि उनके कार्यकाल में पेशा कानून लागू हुआ और 65 वनोपजों की खरीदी समर्थन मूल्य पर की गई, लेकिन वर्तमान ‘डबल इंजन’ सरकार ने इन योजनाओं को बंद कर दिया। बघेल ने कहा कि आदिवासी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी केन्द्र के इशारों पर आदिवासियों के खिलाफ निर्णय ले रहे हैं और हसदेव व तमनार के जंगल काटे जा रहे हैं।
भूपेश बघेल ने आदिवासी समाज से एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने का आह्वान किया और भरोसा दिलाया कि राहुल गांधी व कांग्रेस उनके साथ खड़े हैं। कार्यक्रम में विधायक अटल श्रीवास्तव और गोड़वाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तुलेश्वर सिंह मरकाम ने भी संबोधन दिया और जन-जंगल-जमीन व खनिज संसाधनों को बचाने के लिए संगठित संघर्ष की जरूरत बताई।

सम्मेलन में बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग उपस्थित रहे और अतिथियों का संबोधन सुना। कार्यक्रम के बाद भूपेश बघेल बिलासपुर से रायपुर होते हुए दुर्ग के लिए रवाना हुए।



