भोपाल। मध्यप्रदेश के उमरिया जिले के पाली नगर में स्थित नेताजी सुभाषचंद्र बोस बालिका आदिवासी छात्रावास से पांच छात्राओं के लापता होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना ने पूरे जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा दिया है। कक्षा आठवीं की इन छात्राओं के गायब होने की खबर ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका को भी कटघरे में ला खड़ा किया है।
जानिए क्या हैं पूरा नवाल
जानकारी के अनुसार, यह मामला उमरिया जिले के पाली नगर के नेताजी सुभाषचंद्र बोस बालिका छात्रावास का है, जहां कक्षा आठवीं की पांच छात्राएं बीती रात से लापता हैं। बताया जाता है कि ये छात्राएं जन्माष्टमी के कार्यक्रम में रात 8 बजे तक मौजूद थीं, और रात 11 बजे तक हॉस्टल में ही थीं। लेकिन सुबह 8 बजे नाश्ते के समय जब उपस्थिति जांच की गई, तो ये पांच छात्राएं गायब पाई गईं। हॉस्टल के आसपास और उनके कमरों में खोजबीन के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं मिला।
घटना की सूचना मिलते ही उमरिया की पुलिस अधीक्षक (एसपी) निवेदिता नायडू, उपखंड मजिस्ट्रेट (एसडीएम) अंबिकेश प्रताप सिंह, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने हॉस्टल प्रबंधन और अन्य छात्राओं से पूछताछ शुरू की है। जांच के दौरान एक छात्रा की कॉपी में एक नोट मिला, जिसमें लिखा था, “मैं कुछ बनना चाहती हूं, कमाना-खाना चाहती हूं, इसलिए जा रही हूं।” इस नोट के आधार पर पुलिस ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है और सीसीटीवी फुटेज, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, और अन्य संभावित स्थानों पर तलाशी शुरू कर दी है।
प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। परिजनों का आरोप है कि हॉस्टल में न तो उचित सुरक्षा व्यवस्था है और न ही सीसीटीवी कैमरे पूरी तरह कार्यरत हैं। गेट के टूटे होने और बाउंड्री वॉल की कमी ने भी इस घटना को और गंभीर बना दिया है। परिजनों, विशेष रूप से महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल है, और उन्होंने हॉस्टल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।



