राजगढ़। जिले के कटारिया खेड़ी इलाके में हाइवे किनारे अवैध शराब का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। दिन हो या रात… इस मार्ग से जिले के जिम्मेदार अधिकारी, यहां तक कि वीवीआईपी तक गुजरते हैं… लेकिन न तो पुलिस को दिखता है, और न ही आबकारी विभाग को।”

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“शराब माफिया बेखौफ हैं… उनका दबदबा इस कदर है कि कानून और व्यवस्था उनके लिए मजाक बनकर रह गई है। लोग देख रहे हैं, समझ रहे हैं… लेकिन कार्रवाई करने वाले मानों आंखों पर पट्टी बांधे बैठे हों।”

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“हद तो तब हो गई… जब स्वतंत्रता दिवस जैसे शुष्क दिवस पर भी शराब आधी कीमत पर बेची गई। सवाल ये है कि जब पूरे प्रदेश में शराबबंदी के नियम लागू रहते हैं… तो राजगढ़ में यह कारोबार किसकी शह पर चल रहा है? क्या विभागों में कहीं न कहीं सांठगांठ है… या फिर राजनीतिक दबाव में कार्रवाई नहीं हो रही?”

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“फिलहाल, इस पूरे मामले पर पुलिस और आबकारी विभाग चुप्पी साधे हुए हैं। लेकिन जनता के मन में सवाल लगातार गहराता जा रहा है – क्या प्रदेश सच में माफियाओं के भरोसे चल रहा है?”