भोपाल। बहुचर्चित अर्चना तिवारी मिसिंग केस का राज खुल चुका है। पूरा वाकया प्रेम प्रसंग से जुड़ा बताया जा रहा है। अर्चना का शुजालपुर निवासी सारांश जैन के साथ प्रेम प्रसंग था। जिसके साथ उसने नेपाल जाने की योजना बनाई थी। टीआई ने इस मामले की पुष्टि की। पूरे प्लान के तहत अर्चना सीसीटीवी कैमरे के नजर में नहीं आना चाहती थी। इसलिए, ट्रेन के इटारसी पहुंचने से पहले आउटर में उतर गई। और फिर वहां से शुजालपुर के लिए रवाना हो गई। वहां सारांश के साथ 2 दिन तक रहने के बाद दोनों नेपाल भागने का प्लान बनाए थे। वहीं, ट्रेन में बैठने से पहले अर्चना ने न्यू मोबाइल भी खरीदा था। जिससे वो सारांश के संपर्क में थी। बता दें, पुलिस ने अर्चना को लखीमपुर खीरी से पकड़ लिया है। उसे पुलिस ने नेपाल बॉर्डर से बरामद किया है। जहां से उसे पुलिस भोपाल लेकर पहुंच रही है। यहां पुलिस उससे पूछताछ करेगी।

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आखिर क्यों बदला अचानक प्लान ?

अर्चना 7 नहीं बल्कि 6 तारीख को इस पूरी कहानी को अंजाम देने वाली थी। लेकिन, एन वक्त पूरा उसका प्लान बदल गया। एक दिन पहले पुलिस आरक्षक ने उसका बस टिकिट बुक कर दिया। आरक्षक राम तोमर की इंदौर और दिल्ली की लोकेशन ट्रेस भी जीआरपी को मिली थी। यहां तक की,
राम तोमर के लगभग 10 दोस्तों से भी जीआरपी ने पूछताछ की है। हालांकि, इस मामले में राम तोमर का सीधा कनेक्शन नहीं हैं, लेकिन पूरी कहानी में उसका अहम किरदार का रोल था।

अर्चना के भाई ने फोन कॉल का किया खंडन

इधर, पुलिस का कहना है कि, 19 अगस्त को अर्चना ने अपनी मां को फोन लगाकर अपनी सकुशलता की जानकारी दी थी। पर उसके भाई ने इस बात का खंडन किया है। अर्चना के भाई ने फोन कॉल का खंडन किया है।उसने कहा कि ‘जिसने भी कहा कि हमारी बात हुई वो सरासर झूठी खबर है। पुलिस ने भी कोई बात नहीं कराई है। पुलिस ने अर्चना के मिलने की सूचना दी है।’

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