जबलपुर। मध्यप्रदेश में पैरामेडिकल कॉलेजों की मान्यता विवाद मामले में हाईकोर्ट ने सुनवाई स्थगित कर दी है। अदालत ने कहा कि चूंकि यह मामला वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट के विचाराधीन है, इसलिए फिलहाल पैरामेडिकल कॉलेजों से जुड़ी सुनवाई नहीं की जाएगी। हालांकि, नर्सिंग कॉलेजों से संबंधित मामलों की सुनवाई हाईकोर्ट में जारी रहेगी। मामले की अगली सुनवाई अब 12 सितंबर को निर्धारित की गई है।
रजिस्ट्रार पर झूठा शपथ पत्र देने का आरोप
इस प्रकरण में पैरामेडिकल काउंसिल के रजिस्ट्रार पर विरोधाभासी शपथ पत्र पेश करने का आरोप है। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में दाखिल शपथ पत्रों में भिन्न-भिन्न तथ्य रखे गए हैं। हाईकोर्ट में दायर शपथ पत्र में काउंसिल ने बिना मान्यता और एफिलिएशन के प्रवेश (एडमिशन) नहीं देने का दावा किया है, जबकि सुप्रीम कोर्ट में पेश शपथ पत्र में स्वीकार किया गया है कि वर्ष 2023-24 में 21,894 छात्रों को बिना मान्यता और एफिलिएशन के एडमिशन दिया गया। इन विरोधाभासी तथ्यों के चलते पैरामेडिकल काउंसिल की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 12 सितंबर को होगी।



