हरदा। जिले के वनग्राम मनासा गांव से प्रशासनिक अनदेखी और बदहाल व्यवस्था की तस्वीर सामने आई है। यहाँ सड़क सुविधा न होने के कारण गर्भवती महिला को एंबुलेंस या जननी एक्सप्रेस जैसी सेवाएँ न मिल सकीं। मजबूर ग्रामीणों ने प्रसव पीड़ा से तड़प रही ममता बाई पति अखिलेश सरियाम को साड़ी से बने झूले में कंधों पर उठाकर 7 किलोमीटर तक पैदल रास्ता पार कराया। इसके बाद उसे बाइक से रहटगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।

ग्रामीणों ने बताया कि बारिश में दलदल जैसी स्थिति बन जाने से एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुँच पाई। यह घटना सिर्फ एक परिवार की मजबूरी नहीं, बल्कि वर्षों से सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं की अनदेखी का जीवंत सबूत है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

इस घटना का वीडियो जयस के पूर्व जिला अध्यक्ष राकेश काकोड़िया ने सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कहा कि मामले की जानकारी जिम्मेदार अधिकारियों को दी गई है। बावजूद इसके, अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

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ग्रामीणों का आरोप, “सालों से सड़क की मांग, पर सुनवाई नहीं”

गांववासियों ने कहा कि, लंबे समय से सड़क निर्माण और मरम्मत की मांग की जा रही है, लेकिन विभागीय उदासीनता के चलते हालात जस के तस हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक सड़क नहीं बनती, तब तक एंबुलेंस और स्वास्थ्य सुविधाएं गाँव तक नहीं पहुँच पाएंगी।