टीआरपी डेस्क। Gratest Olympic Athlete: पूरे विश्व की खेल प्रतियोगिताओं में सबसे बड़ी प्रतियोगिता ओलंपिक गेम्स को माना जाता है और ओलंपिक के इतिहास में भारत ने अब तक सिर्फ 10 गोल्ड मेडल जीते हैं, लेकिन दुनिया में एक एथलीट ऐसा भी है जिसने ओलंपिक में अकेले ही 23 गोल्ड समेत 28 मेडल जीतकर खुदको ओलंपिक के इतिहास का सबसे बड़ा एथलीट साबित कर दिया हैं।

अमेरिकी तैराक माइकल फेल्प्स का जन्म 30 जून, 1985, बाल्टीमोर, मैरीलैंड में हुआ। फेल्प्स का पालन-पोषण तैराकों के परिवार में हुआ और वह 7 साल की उम्र में प्रतिष्ठित नॉर्थ बाल्टीमोर एक्वाटिक क्लब में शामिल हो गए। जिसके बाद आगे जाकर फेल्प्स ओलंपिक इतिहास में सर्वाधिक पदक जीतने वाले एथलीट बनें। उन्होंने ओलंपिक में 28 पदक जीते हैं, जिनमें रिकॉर्ड 23 स्वर्ण पदक समेत 3 रजत और 2 कांस्य पदक शामिल हैं। 2008 के बीजिंग ओलंपिक में, वह एक ही ओलंपिक में 8 स्वर्ण पदक जीतने वाले दुनिया के पहले एथलीट बने।
मेडल मशीन हैं माइकल फेल्प्स
वर्ष 2000 के सिडनी ओलंपिक खेलों में 200 मीटर बटरफ्लाई में वह पाँचवें स्थान पर रहे। 2001 के अमेरिकी स्प्रिंग नेशनल्स में, वह 15 साल की उम्र में पुरुषों की तैराकी में सबसे कम उम्र के विश्व रिकॉर्ड धारक बने, जब उन्होंने 200 मीटर बटरफ्लाई में 1 मिनट 54.92 सेकंड का समय निकाला। उसी वर्ष उन्होंने जापान के फुकुओका में विश्व चैंपियनशिप में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय खिताब जीता। उन्होंने 2002 पैन पैसिफिक चैंपियनशिप में 5 पदक जीते, जिनमें 3 स्वर्ण शामिल थे। 2003 में अमेरिकी स्प्रिंग नेशनल्स में, वह एक ही राष्ट्रीय चैंपियनशिप में 3 अलग-अलग स्ट्रोक्स में खिताब जीतने वाले पहले पुरुष तैराक बने और बाद में उन्होंने स्पेन के बार्सिलोना में विश्व चैंपियनशिप में अभूतपूर्व 5 व्यक्तिगत विश्व रिकॉर्ड तोड़े। फेल्प्स ने अमेरिकी ग्रीष्मकालीन नेशनल्स में भी 5 खिताब जीते। किसी एक चैंपियनशिप में किसी पुरुष तैराक द्वारा जीते गए सर्वाधिक खिताब थे।

एथेंस में 2004 के ओलंपिक खेलों में, फेल्प्स ने 6 स्वर्ण पदक और 2 कांस्य पदक जीतकर 5 ओलंपिक और विश्व रिकॉर्ड बनाए। उनके 4 व्यक्तिगत तैराकी स्वर्ण पदकों ने 1972 के म्यूनिख ओलंपिक में अमेरिकी मार्क स्पिट्ज द्वारा बनाए गए रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। फेल्प्स ने 2007 में मेलबर्न में आयोजित विश्व चैंपियनशिप में इस खेल में अपना दबदबा बनाए रखा, जहाँ उन्होंने 7 स्वर्ण पदक जीते और 5 विश्व रिकॉर्ड बनाए। अपने 7 खिताबों के साथ, फेल्प्स ने किसी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में सर्वाधिक जीत के मामले में स्पिट्ज़ की बराबरी कर ली।
Gratest Olympic Athlete: फेल्प्स ने एक ओलंपिक में 7 स्वर्ण पदक जीतने के स्पिट्ज के रिकॉर्ड को तोड़ने के लक्ष्य के साथ बीजिंग में 2008 ओलंपिक खेलों में प्रवेश किया। उन्होंने अपने पहले 3 मुकाबलों में से प्रत्येक में स्वर्ण पदक जीता और प्रत्येक जीत ने विश्व रिकॉर्ड तोड़ा। 13 अगस्त 2008 को उन्होंने 2 स्वर्ण पदक जीते और अपने करियर का 10वां और 11वां स्वर्ण पदक हासिल किया, जो एक नया ओलंपिक रिकॉर्ड बना। फेल्प्स ने फिर 200 मीटर आईएम में अपना ही विश्व रिकॉर्ड तोड़कर बीजिंग खेलों का अपना छठा स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने 100 मीटर बटरफ्लाई फाइनल को 0.01 सेकंड से जीतकर स्पिट्ज के रिकॉर्ड की बराबरी की कुल मिलाकर, फेल्प्स ने अपने 8 स्वर्ण पदक जीतने वाले मुकाबलों में से 1 (100 मीटर बटरफ्लाई) को छोड़कर बाकी सभी में विश्व रिकॉर्ड बनाए। अपने रिकॉर्ड स्थापित ओलंपिक के बाद, उन्होंने 2009 में रोम में आयोजित विश्व चैंपियनशिप में 5 स्वर्ण और 1 रजत पदक जीता।

लंदन में 2012 के ओलंपिक में, फेल्प्स की शुरुआत निराशाजनक रही, वे अपने पहले मुकाबलों, 400 मीटर आईएम में पदक जीतने में असफल रहे। हालांकि, आगे के तीन इवंट्स में उन्होंने 2 रजत और 1 स्वर्ण पदक जीता। इस जीत के साथ, फेल्प्स ने अपने करियर का अभूतपूर्व 19वां ओलंपिक पदक जीता और सोवियत जिमनास्ट लारिसा लैटिनिना का रिकॉर्ड तोड़ दिया। उन्होंने 200 मीटर आईएम में भी स्वर्ण पदक जीता और लगातार 3 ओलंपिक में एक ही व्यक्तिगत स्पर्धा जीतने वाले पहले पुरुष तैराक बन गए। बाद में उन्होंने लगातार तीसरी बार 100 मीटर बटरफ्लाई में भी जीत हासिल की और अपने अंतिम इवेंट 4×100 मेडले रिले में भी स्वर्ण पदक जीतकर फेल्प्स ने लंदन ओलंपिक के बाद इस खेल से संन्यास लेने की घोषणा की।
संन्यास लेने के बाद फिर की वापसी
फेल्प्स के सन्यास की घोषणा अल्पकालिक साबित हुई, क्योंकि उन्होंने अप्रैल 2014 में प्रतिस्पर्धी तैराकी में वापसी की। उसी वर्ष अक्टूबर में फेलप्स को नशे में गाड़ी चलाने के आरोप के बाद 6 महीने के लिए USA स्विमिंग द्वारा निलंबित कर दिया गया था, यह उनकी इस तरह की दूसरी गिरफ्तारी थी, पहली बार फेलप्स की गिरफ्तारी 2004 में हुई थी। फेल्प्स रियो डी जनेरियो 2016 ओलंपिक खेलों के उद्घाटन समारोह में अमेरिकी ध्वजवाहक थे, जो उनका पांचवां ओलंपिक था, जो एक अमेरिकी पुरुष तैराक के लिए एक विश्व रिकॉर्ड था। रियो में उन्होंने 4 स्वर्ण पदक और 1 रजत पदक जीतकर अपने बेजोड़ पदकों की संख्या में इजाफा किया।

सबसे बड़े प्रतिद्वंदी को दी शिकस्त
रियो ओलंपिक के साथ-साथ फेल्प्स के तैराकी कैरियर की उस अंतिम रेस के फाइनल में दक्षिण अफ्रीका के चैड ले क्लोस, फेलप्स के सबसे बड़े प्रतिद्वंदी थे, जिन्होंने 2012 के ओलंपिक खेलों में फेल्प्स को सेकंड के पांच सौवें हिस्से से हराया था और अगले 4 सालों तक फेलप्स से तीखी बहस करते रहे थे। रेस से पहले, कैमरों में चैड ले क्लोस को फेल्प्स के सामने वार्म-अप करते हुए कैद किया गया था, जिसमें उन्होंने अपने फेलप्स को एक ठंडी नजर से देखा और यह वीडियो सोशल मीडिया पर मीम के रूप में जमकर वायरल हुआ था। जिसके तुरंत बाद रेस में,फेल्प्स ने सेकंड के चार सौवें हिस्से से जीत हासिल की और पूल में असामान्य रूप से उत्साहपूर्ण जश्न मनाया। 2016 के ओलंपिक खेलों में अपनी अविश्वसनीय रूप से प्रभावशाली वापसी के बाद, उन्होंने प्रतिस्पर्धी तैराकी से फिर से संन्यास ले लिया।
विश्व रिकॉर्ड और खिताबों का सफर
फेल्प्स ने अपने तैराकी के कैरियर में 39 विश्व रिकॉर्ड (29 व्यक्तिगत, 10 रिले) बनाए हैं, जो कि FINA द्वारा मान्यता प्राप्त किसी भी अन्य तैराक की तुलना में सबसे ज्यादा हैं। फेल्प्स ने इन सारे रिकॉर्ड्स में से ज्यादाकर रिकार्ड्स ओलंपिक में अपने 28 मेडल जीतने के दौरान ही दर्ज किए हैं, जिनमें 23 गोल्ड, 3 रजत और 2 कास्य पदक शामिल हैं।

मौत को गले लगाना चाहते थे फेलप्स
फेल्प्स ने एक इंटरव्यू में अपनी निजी जिंदगी के बारे एक ऐसा खुलासा किया था, जिसे जानकार हर कोई हैरान रह गया। फेल्प्स ने बताया था कि लंदन ओलंपिक (2012) में गोल्ड मेडल्स जीतने के बाद एक ऐसा दौर भी आया था, जब वह आत्महत्या करने के बारे में सोचने लगे थे। उन्होंने बताया था लंदन ओलंपिक में 4 गोल्ड और 2 सिल्वर मेडल जीतने के बाद उन्होंने खुद को एक कमरे में 4 दिन के लिए कैद कर लिया था। इस दौरान उन्होंने खाना तो दूर पानी तक को हाथ नहीं लगाया। वह सिर्फ आत्महत्या करना चाहते थे। फेल्प्स ने कहा कि डिप्रेशन उन पर इस कदर हावी हो गया था कि वह सिर्फ सुसाइड के बारे में ही सोचते रहते थे। गहरे डिप्रेशन के कारण वह एक जामाने में ड्रग्स और एल्कोहॉल की चपेट में भी आ गए थे। इसी वजह से एक बार सन्यास की घोषण के बाद उन्होंने तैराकी में वापसी की थी ताकी वे इन बुरी आदतों से दूरियां कायम कर सकें।



