अंबिकापुर। सरगुजा जिले के मैनपाट वन परिक्षेत्र में हाथियों का आतंक बदस्तूर जारी है। पिछले एक महीने से 13 हाथियों का दल अलग-अलग इलाकों में घूमते हुए ग्रामीणों की रातों की नींद उड़ा रहे है। हाथियों ने अब तक दर्जनों मकानों को नुकसान पहुँचाया है और कई एकड़ में लगी फसलों को भी रौंद डाला है।

मैनपाट वन परिक्षेत्र के कंडराजा, बारवाली और पेंट के जंगलों में 13 सदस्यीय हाथियों का दल लगातार विचरण कर रहा है इन हाथियों के उत्पात से अब तक बड़ी संख्या में मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और कई एकड़ में लगी धान की फसल बर्बाद हो गई है।

सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो का कहना है कि मैनपाट हाथियों का प्राकृतिक कॉरिडोर है, इसलिए यहां उनकी आवाजाही बनी रहती है। उन्होंने कहा कि कच्चे मकानों को हाथियों से सबसे अधिक नुकसान होता है, लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनने वाले पक्के मकान ज्यादा सुरक्षित हैं। विधायक का कहना है कि इस योजना को ग्रामीण इलाकों में तेज़ी से आगे बढ़ाया जा रहा है। वहीं विधायक रामकुमार टोप्पो ने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथियों के करीब न जाएं और सावधानी बरतें, क्योंकि झुंड से बिछड़ा हाथी सबसे ज्यादा खतरनाक साबित होता है।

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