रायपुर। रायपुर संभाग में चल रहे भारतमाला परियोजना में हुए मुआवजा घोटाले की प्रशासनिक जांच पूरी हो गई है। जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी की पुष्टि तो हुई, लेकिन अपात्र लोगों को मुआवजा मिलने की शिकायत पर विस्तृत जांच की अनुशंसा की जा रही है। बताया गया है कि कम मुआवजा मिलने की शिकायतों के प्रकरण राजस्व ट्रिब्यूनल को भेजे जाएंगे।

एसीबी और कमिश्नर की चल रही है जांच

रायपुर-विशाखापटनम भारतमाला सडक़ परियोजना में मुआवजा घोटाले की ईओडब्ल्यू-एसीबी की जांच चल रही है।? इससे परे सरकार ने रायपुर कमिश्नर को भी शिकायतों की जांच करने के लिए कहा था। बताया गया कि रायपुर कमिश्नर महादेव कांवरे ने सडक़ परियोजना पर आपत्ति दावे बुलाए थे, और फिर इसकी जांच के लिए एडिशनल कलेक्टर की अध्यक्षता में चार अलग-अलग टीम बनाई थी। चारों टीम ने जांच कर अपनी रिपोर्ट कमिश्नर को दे दी है।

रायपुर कमिश्नर महादेव कांवरे ने बताया कि चारों टीम ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट का परीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने कहा अपात्र लोगों को मुआवजा मिलने की शिकायतों की विस्तृत जांच की जरूरत है। इस पर जल्द फैसला लिया जाएगा।

See also  Job Offer : नौकरी तलाश रहे 12 वीं पास युवाओं के लिए सुनहरा मौका! कल रायपुर में आयोजित होगा प्लेसमेंट कैम्प

कांवरे ने बताया कि कम मुआवजा मिलने की शिकायतों के प्रकरण आर्बिट्रेशन को भेजे जाएंगे। सूत्र बताते हैं कि जांच में मुआवजा वितरण में गड़बड़ी पाई गई है। इसको लेकर रिपोर्ट शासन को भेजी जा सकती है।

घोटाले के लिए राजस्व अफसर जिम्मेदार

जांच रिपोर्ट में मुआवजा वितरण में गड़बड़ी की पुष्टि हुई है। इसके लिए राजस्व अफसरों को जिम्मेदार ठहराया गया है। ये वो अफसर-कर्मचारी हैं जिनके नाम पहले ही सामने आ चुके हैं। प्रकरण ईओडब्ल्यू-एसीबी ने दर्ज किए हैं। एसडीएम निर्भय साहू समेत आठ अधिकारी-कर्मचारियों को दोषी ठहराया गया है।