Maratha reservation: मुंबई। मराठा आरक्षण को लेकर 29 अगस्त से आंदोलन कर रहे मनोज जरांगे ने आमरण अनशन खत्म कर दिया है। मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने जूस पिलाकर उनका अनशन तोड़ा। सरकार के साथ बैठक के बाद जरांगे ने अपना अनशन तोड़ा, उनकी मांगें भी मान ली गई है। जारंगे पाटिल ने सरकार द्वारा दिए गए जीआर को स्वीकार कर लिया है।
Maratha reservation:बता दें कि जरांगे को आजाद मैदान खाली करने के लिए कल यानी बुधवार सुबह तक का समय दिया गया है। इससे पहले हाई कोर्ट ने मंगलवार दोपहर 3 बजे तक आजाद मैदान को खाली करने का आदेश दिया था। हाई कोर्ट के आदेश के बाद महाराष्ट्र सरकार का डेलिगेशन भी जरांगे से मिलने आजाद मैदान पहुंचा था।
Maratha reservation: महाराष्ट्र सरकार के चार मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल, शिवेंद्र राजे भोंसले, जय कुमार गोरे और माणिकराव कोकाटे जरांगे से मिलने आजाद मैदान पहुंचे थे। चारों मंत्रियों ने जरांगे पाटिल को सारी जानकारी दी, जो आरक्षण को लेकर जो समिति से चर्चा हुई थी, इसके बाद जरांगे ने ऐलान किया कि वो जीत गए।
Maratha quota protest: सरकार ने मानी ये 6 मांगें
- हैदराबाद गजट लागू करने का निर्णय।
- सातारा और औंध गजट्स की लागू करने की प्रक्रिया (15 दिनों में कानूनी अड़चनें दूर होंगी)।
- आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने का आश्वासन।
- आंदोलन में मारे गए परिवारों को 15 करोड़ की आर्थिक सहायता और पात्रता अनुसार सरकारी नौकरी।
- 58 लाख कुणबी नोंदी ग्राम पंचायत स्तर पर लगाई जाएंगी।
- वंशवली (शिंदे) समिति को कार्यालय और कार्यावधि बढ़ाई जाएगी।
Maratha quota protest: 2 मांग अधूरी
- मराठा-कुणबी एक का GR सरकार ने कहा है कि प्रक्रिया शुरू हो गई है, पर अभी लागू नहीं हुआ।
- सगे-सोयरे प्रमाणपत्र की छानबीन इस पर भी प्रक्रिया जारी है, पर निर्णय अंतिम नहीं।


