नई दिल्ली। टीम इंडिया की जर्सी पर छपने वाला नाम अब बदलने वाला है। ड्रीम इलेवन के साथ करार खत्म होने के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने आधिकारिक तौर पर नया लीड स्पॉन्सर खोजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए बोर्ड ने टेंडर जारी कर दिया है और कुछ सख्त शर्तें भी तय की हैं, जो खासतौर पर गेमिंग और सट्टेबाजी से जुड़ी कंपनियों को बाहर करती हैं। हालांकि 9 सितंबर से शुरू हो रहे एशिया कप में बहरतीय टीम बिना स्पॉन्सर के नाम वाली जर्सी पहनकर मैदान में उतरेगी।

संभावनाएं जताई जा रही हैं कि, इसी महीने होने वाले महिला टी-20 वर्ल्ड कप 2025 से पहले नया स्पॉन्सर मिल जाएगा। BCCI ने टेंडर जारी करते हुए कहा कि लीड स्पॉन्सरशिप अधिकारों के लिए इच्छुक कंपनियों से “एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट” (EOI) आमंत्रित किया जा रहा है। इसके लिए 5 लाख रुपये + जीएसटी की नॉन-रिफंडेबल फीस तय की गई है। यह दस्तावेज उन कंपनियों को मिलेगा जो तय शर्तों को पूरा करती हैं।

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नए प्रायोजक का चयन 16 सितंबर को किया जाएगा। इससे पहले टीम इंडिया की जर्सी पर विल्स, सहारा, स्टार, ओपो और बायजूस जैसे बड़े नाम रह चुके हैं।ड्रीम 11 की पिछली डील 358 करोड़ रुपये की थी, जिसमें घरेलू मैचों के लिए 3 करोड़ और विदेशी मुकाबलों के लिए 1 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाता था। अब देखना दिलचस्प होगा कि अगला बड़ा नाम कौन बनता है जो टीम इंडिया की पहचान का हिस्सा बनेगा।

सट्टा और ऑनलाइन मनी गेमिंग पर सख्ती

इस बार बोर्ड ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। टेंडर में स्पष्ट किया गया है कि कोई भी ऐसी कंपनी जो भारत या विदेश में ऑनलाइन मनी गेमिंग, सट्टेबाज़ी या जुए से जुड़ी सेवाएं प्रदान करती है, बोली में भाग नहीं ले सकती। इतना ही नहीं, यदि किसी कंपनी की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इन क्षेत्रों में भागीदारी या निवेश है, तो वह भी इस प्रक्रिया से बाहर रहेगी।

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