टीआरपी डेस्क। Naxal Attack : गुरुवार सुबह करीब 11 बजे मालेवाही थाना क्षेत्र में नक्सलियों ने प्रेशर IED विस्फोट कर CRPF के जवानों को निशाना बनाने की कोशिश की। इस धमाके में इंस्पेक्टर और एक आरक्षक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना इंद्रावती नदी पार सातधार पुल से आगे की बताई जा रही है।
कब और कैसे हुआ हमला ?
बताया जा रहा है कि CRPF 195वीं वाहिनी की टीम नक्सल विरोधी अभियान के तहत एरिया डोमिनेशन और डिमाइनिंग कार्य के लिए इलाके में निकली थी। इसी दौरान नक्सलियों द्वारा बिछाए गए प्रेशर IED की चपेट में आने से विस्फोट हुआ। धमाका इतना तेज था कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई और 2 जवान गंभीर रूप से जख्मी हो गए।
घायलों को मिलेगा बेहतर उपचार
घायलों की पहचान इंस्पेक्टर दीवान सिंह गुर्जर और आरक्षक आलम मुनेश के रूप में हुई है। दोनों को पहले जिला अस्पताल दंतेवाड़ा में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए रायपुर से उच्च केंद्र ले जाने के लिए एयरलिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है।
इलाके में तलाशी अभियान तेज
घटना के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में तलाशी अभियान तेज कर दिया है। पुलिस का कहना है कि नक्सलियों की मौजूदगी को देखते हुए आसपास के क्षेत्रों में सतर्कता और बढ़ा दी गई है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि इंद्रावती नदी पार का इलाका नक्सलियों की गतिविधियों से पूरी तरह मुक्त नहीं हुआ है।
घटना पर अधिकारिक बयान
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बीते कुछ महीनों से लगातार चल रहे अभियानों से नक्सल संगठन दबाव में हैं और ऐसे हमलों को अंजाम देकर वे सुरक्षा बलों का मनोबल गिराने की कोशिश करते हैं, लेकिन सरकार और सुरक्षा एजेंसियां इस चुनौती का मुकाबला पूरी मजबूती से कर रही हैं।
नक्सलवाद खत्म ?
Naxal Attack : राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दंतेवाड़ा जैसी घटनाएं यह संकेत देती हैं कि इलाके में नक्सलवाद की समस्या पूरी तरह खत्म होने में अभी वक्त लगेगा। वहीं सरकार का कहना है कि जवानों को हर संभव मदद दी जाएगी और उनकी सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा।



