0 मूर्तिकारों की मानें तो 15 से 20 हजार प्रतिमाओं की बिक्री

GANESH VISARJAN टीआरपी न्यूज। गणेश पर्व बीतने के साथ ही उल्लास का माहौल शांत हो चुका है। नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार छह दिन में लगभग छह हजार प्रतिमाएं विसर्जित की गई है। यह आंकड़ा खारुन नदी के महादेवघाट तट पर बनाए गए अस्थायी विसर्जन कुंड का है, जबकि हकीकत यह है कि प्रतिबंध के बावजूद शहर के विविध तालाबों में भी प्रतिमाएं विसर्जित की गई, जिसका कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा सैकड़ों श्रद्धालुओं ने महादेवघाट की गंदगी से बचने के लिए अपने घर पर ही टब और बाल्टी में गणेश प्रतिमाओं को विसर्जित किया। घर घर में विसर्जित की गई प्रतिमाओं का भी कोई आंकड़ा नहीं है। मूर्तिकारों की मानें तो एक अनुमान के मुताबिक हर साल शहर में 15 से 20 हजार प्रतिमाओं की बिक्री होती है।


50 से अधिक बड़े पंडालों में 10 फीट ऊंची प्रतिमाएं

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गणेश पर्व के दौरान शहर के 50 से अधिक बड़े पंडालों में 10 से 15 फीट ऊंची प्रतिमाएं विराजित की गई थीं। गली-मोहल्लों में 500 से अधिक प्रतिमाएं 5 से 10 फीट की विराजित की गई थीं। घर-घर में एक से दो फीट की हजारों प्रतिमाओं की पूजा से भक्ति उल्लास का माहौल छाया रहता था।
27 अगस्त से शुरू होकर 6 सितंबर तक चलने वाले गणेश पर्व के दौरान राजधानी में हर तरफ श्रद्धा उत्साह का माहौल छाया था। इसके पश्चात 6 सितंबर से विसर्जन का सिलसिला शुरू हुआ था। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि पिछले छह दिनों से खारुन नदी के किनारे बनाए गए अस्थायी विसर्जन कुंड में लगभग छह हजार प्रतिमाएं विसर्जित की जा चुकी है। हालांकि यह आंकड़ा केवल महादेवघाट के अस्थायी विसर्जन कुंड का है, जबकि विविध मोहल्लों के तालाबों में भी घर-घर की प्रतिमाएं विसर्जित की गई।


निगम का दावा 4080 छोटी और 1851 बड़ी प्रतिमाएं

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नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि 6 सितंबर से लेकर 11 सितंबर की रात्रि 7 बजे तक 4080 छोटी और 1851 बड़ी गणेश मूर्तियों का विसर्जन श्रद्धा भाव से कराया गया। अधिकारियों के अनुसार नगर निगम स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा लगातार श्री गणेश विसर्जन झांकी रूट में रोड वैक्युम क्लीनर मशीन, जटायु वाहन की सहायता से झांकी मार्गों पर विशेष सफाई अभियान चलाया गया।


10 पंडित, पांच क्रेन, 80 गोताखोर


नगर निगम ने मूर्ति के विधिविधान से विसर्जन के लिए 10 पंडितों की व्यवस्था की थी। साथ ही बड़ी मूर्तियों का विसर्जन 5 क्रेन की सहायता से किया गया। किसी भी दुर्घटना को रोकने के लिए 80 गोताखोरों और नौकाओं की व्यवस्था की गई थी।


24 घंटे निगरानी
नगर निगम के कर्मी 24 घंटे निगरानी कर रहे थे। 8-8 घंटे की 3 पालियों में कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। 6 सितम्बर 2025 को सुबह 6 बजे से 12 सितम्बर 2025 को सुबह 6 बजे तक प्रतिमाओं के विसर्जन की व्यवस्था की गई थी।

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तीन दर्जन तालाबों के किनारे अस्थायी विसर्जन कुंड


पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए स्वच्छ गणेश उत्सव अभियान 2025 के अंतर्गत महादेवघाट के अलावा बूढ़ातालाब, तेलीबांधा तालाब, कंकाली तालाब सहित शहर के लगभग 3 दर्जन तालाबों में अस्थायी विसर्जन कुंड रखे गए थे। बड़ी संख्या में विभिन्न तालाबों के अस्थाई विसर्जन कुंड में श्रीगणेश की छोटी मूर्तियों का विसर्जन कर गणपति बप्पा को नम आंखों से विदाई देकर पूजा, अर्चना, की गई।