टीआरपी डेस्क। Drug Spiking : क्रिकेट की दुनिया को एक बार फिर शर्मसार करने वाला बड़ा मामला सामने आया है। इंग्लैंड के लंदन स्थित हाई-प्रोफाइल पब ‘द बाउंड्री’ में एक पूर्व क्रिकेटर पर 2 महिलाओं की ड्रिंक्स में ड्रग स्पाइकिंग कर एक के साथ यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगा है। घटना के बाद से क्रिकेट समुदाय और इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड पर प्रशासनिक चुप्पी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
ड्रग स्पाइकिंग क्या है ?
ड्रग स्पाइकिंग का मतलब है कि किसी व्यक्ति के खाने या पीने की चीज में बिना उसकी जानकारी के कोई नशीला या मानसिक प्रभाव डालने वाला पदार्थ मिला देना। इसका मकसद अक्सर व्यक्ति को बेहोश करना, मानसिक नियंत्रण हासिल करना या उसके साथ यौन उत्पीड़न जैसी आपराधिक गतिविधि को अंजाम देना होता है। यह कृत्य कानूनन गंभीर अपराध है और कई देशों में इसके लिए कठोर सजा के प्रावधान हैं।
क्या है पूरा मामला ?
इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर्स ब्रेंडन मैकुलम, जोस बटलर, इयोन मॉर्गन और सैम बिलिंग्स ‘द बाउंड्री’ नामक पब में पार्टनर्स हैं। आरोप है 22 मई 2025 की रात 2 महिलाओं की ड्रिंक्स में बिना उनकी जानकारी के नशीला पदार्थ मिला दिया गया। इसके बाद एक महिला के साथ यौन उत्पीड़न की घटना घटी।
पुलिस की कार्रवाई
लंदन मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने घटना की पुष्टि की है। एक 40 वर्षीय पूर्व क्रिकेटर से पूछताछ भी की गई है, हालांकि अभी तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है लेकिन पुलिस ने कहा है कि जांच जारी है और सभी पहलुओं को गंभीरता से खंगाला जा रहा है।
ECB की चुप्पी पर उठे सवाल
कपछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ECB (England and Wales Cricket Board) को इस मामले की जानकारी पहले से थी, लेकिन उन्होंने इसे सार्वजनिक नहीं किया। यह चुप्पी संस्थागत जवाबदेही पर सवाल खड़े कर रही है, क्योंकि हाल के वर्षों में इंग्लिश क्रिकेट में यौन दुराचार के कई मामले सामने आ चुके हैं।
पहले भी बदनाम हुई हैं क्रिकेट की गलियां
हाल के वर्षों में एक पूर्व काउंटी कोच और एक प्रोफेशनल कोच पर भी इसी तरह के यौन उत्पीड़न के आरोप लग चुके हैं, जिनके बाद उन्हें खेल से निलंबित किया गया था। यह नया मामला इंग्लैंड क्रिकेट के लिए एक और शर्मनाक अध्याय बनता जा रहा है।
मामले को लेकर समाज में रोष
क्रिकेट फैंस और समाज के विभिन्न वर्गों में इस घटना को लेकर गंभीर नाराजगी देखी जा रही है। फैंस ने ECB से जवाबदेही तय करने और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। महिला संगठनों ने भी खिलाड़ियों के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए सख्त नीति लागू करने की मांग की है।
Drug Spiking : यह घटना सिर्फ क्रिकेट जगत की नैतिक गिरावट नहीं, बल्कि एक सामाजिक चिंता है। जहां दुनिया के सबसे चर्चित खेलों में से एक के खिलाड़ियों पर ऐसे आरोप लग रहे हैं, वहां जरूरी है कि संस्थाएं खुलकर सामने आएं, दोषियों पर सख्त कार्रवाई करें और पीड़ितों को न्याय दिलाएं।



