भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने बीजेपी पर आदिवासियों को ‘वनवासी’ कहकर उनकी पहचान मिटाने और धर्मांतरण के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया। बैतूल जिले के भैंसदेही में आदिवासी कांग्रेस द्वारा आयोजित ‘आदिवासी अधिकार और सशक्तिकरण शिविर’ में उन्होंने कहा कि स्व-प्रेरणा से धर्मांतरण अपराध नहीं, लेकिन जबरन या प्रलोभन से किया गया धर्मांतरण स्वीकार्य नहीं है।
आदिवासियों के अधिकारों पर जोर
दिग्विजय सिंह ने कहा, “आदिवासी भारत के सबसे पुराने निवासी हैं। हम सभी मध्य एशिया से आए हैं, लेकिन आदिवासियों का इस भूमि पर पहला और असली अधिकार है। वे प्रकृति के उपासक हैं, और संविधान उन्हें अपनी आस्था का पालन करने की पूरी आजादी देता है।” उन्होंने बीजेपी पर संकीर्ण विचारधारा और संविधान को न समझने का आरोप लगाया।
बीजेपी पर धर्मांतरण की राजनीति का आरोप
राज्यसभा सांसद ने बीजेपी पर धर्मांतरण को राजनीतिक हथियार बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह पार्टी केवल अपने राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे को उठाती है। उन्होंने बीजेपी पर आदिवासियों की पहचान को ‘वनवासी’ कहकर कमजोर करने की कोशिश करने का भी इल्जाम लगाया।
गाय के नाम पर राजनीति का आरोप
एक सवाल के जवाब में दिग्विजय ने कहा कि बीजेपी गाय के नाम पर सिर्फ राजनीतिक रोटियां सेंकती है। उन्होंने बताया कि, कांग्रेस सरकार ने गौ आयोग का गठन किया था, जबकि बीजेपी इस मुद्दे का केवल राजनीतिक उपयोग करती है।
आदिवासी सशक्तिकरण के लिए शिविर
आदिवासी कांग्रेस के अध्यक्ष विक्रांत भूरिया ने बताया कि, मध्य प्रदेश के हर जिले में आदिवासियों के अधिकारों और सशक्तिकरण के लिए ऐसे शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। ये शिविर आदिवासियों को उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने और सशक्त बनाने के लिए शुरू किए गए हैं।


