बिलासपुर। जागरूकता के तमाम प्रयासों के बावजूद छत्तीसगढ़ में आज भी अंधविश्वास की जड़ें गहराई तक जमी हुई हैं। इस बीच प्रदेश में हुई एक घटना ने आम अवाम को झकझोर कर रख दिया है। बिलासपुर जिले के ग्राम सरवानी के एक 38 वर्षीय युवक विष्णु केवट ने बैगा की बातों में आकर अपनी ही मां मंटोरा बाई केवट (55) की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी खुद थाने पहुंचा और सरेंडर कर दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बच्चों की बीमारी को लेकर मां को बताया जिम्मेदार
मिली जानकारी के मुताबिक, विष्णु के बच्चों की तबीयत बार-बार खराब हो रही थी। इलाज से राहत नहीं मिलने पर वह वैद्य और बैगाओं के पास जाने लगा। एक बैगा ने उसे विश्वास दिलाया कि बच्चों पर जादू-टोना हुआ है और इसका जिम्मेदार कोई अपना ही है। बार-बार दबाव डालने पर बैगा ने कहा कि उसकी मां ही बच्चों पर जादू-टोना कर रही है।

बैगा की बातों में आकर विष्णु ने शुक्रवार दोपहर 2 बजे मां के घर जाकर उस पर जादू-टोना करने का आरोप लगाया। मां ने आरोप से साफ इंकार किया, लेकिन अंधविश्वास में डूबे बेटे ने कुल्हाड़ी उठाकर उसकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद विष्णु सीधे चकरभाठा थाने पहुंचा और पुलिस को वारदात की जानकारी दी। पुलिस टीम उसे लेकर गांव पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। फिलहाल पुलिस ने अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।



