रायपुर। संविलियन और नियमितीकरण की मांगों को लेकर 18 अगस्त से आंदोलन कर रहे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) कर्मियों ने सरकार से वार्ता के बाद हड़ताल स्थगित कर दी है। सरकार ने 4 मांगे मान ली हैं। वहीं तीन मांगों के लिए कमेटी बनाई गई है। इसके अलावा नियमितीकरण सहित तीन अहम मांगों पर फैसला सरकार करेगी।
सीएम से मिलकर जताया आभार
हड़ताल स्थगित करने के बाद एनएचएम संघ के पदाधिकारी स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से मिले। फिर स्वास्थ्य मंत्री अपने साथ पदाधिकारियों को मुख्यमंत्री निवास ले गए। वहां मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात कर मांगे पूरी होने पर संघ के पदाधिकारियों ने आभार जताया।
ये प्रमुख मांगें मानी गई
सरकार द्वारा मानी गई अहम मांगों में 27 फीसदी वेतन वृद्धि है, जिसमें 5 फीसदी वेतन वृद्धि को सहमति मिल गई है। 22 फीसदी पहले ही बढ़ा दी गई थी, जिसमें अब 5 फीसदी बढ़ाकर 27 फीसदी कर दी गई। जुलाई 2023 से यह वेतन वृद्धि होगी। इसके अलावा 30 दिनों के वैतनिक अवकाश की मांग पूरी हो गई है। वार्षिक कार्य मूल्यांकन यानी CR सिस्टम में पारदर्शिता, कैशलेस चिकित्सा बीमा 5 लाख रुपए तक की मांग मानी गई है।
3 अन्य मांगों के लिए सरकार करेगी कमेटी का गठन करेगी। इसमें ग्रेड पे निर्धारण, अनुकंपा नियुक्ति और स्थानांतरण की मांग के लिए एक कमेटी गठित की जाएगी, जो तीन महीने में रिपोर्ट सौंपेगी।
इसके अलावा तीन अन्य मांगें जिसमें अहम मांग नियमितीकरण, पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना और रेगुलर भर्ती में सीटों का आरक्षण को लेकर अभी कोई सहमति नहीं बनी है। इसका फैसला सरकार करेगी। कैबिनेट में इस पर चर्चा हो सकती है।
सरकार प्रत्येक कर्मचारी को परिवार का हिस्सा मानती है : सीएम
हड़ताल खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, ‘एनएचएम कर्मचारियों द्वारा हड़ताल समाप्त करने का निर्णय सराहनीय और स्वागतयोग्य है। हमारी सरकार प्रत्येक कर्मचारी को परिवार का हिस्सा मानती है और उनकी जायज़ मांगों के प्रति सदैव संवेदनशील रही है।’
मुख्यमंत्री ने आगे लिखा, ‘जनता का स्वास्थ्य हमारे लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता है। मुझे विश्वास है कि सरकार और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास से प्रदेश की जनता को सुलभ एवं उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध होंगी तथा हम सब मिलकर छत्तीसगढ़ को और बेहतर, स्वस्थ व उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर करेंगे।’



