रायपुर। डोंगरगढ़ स्थित मां बम्लेश्वरी मंदिर में शारदीय नवरात्रि का पर्व 22 सितंबर से शुरू हो गया है, जो 1 अक्टूबर 2025 तक चलेगा। इस दौरान देश-प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से लाखों श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। मंदिर को फूलों, रंगोली और दीपों से सजाया गया है, और सुबह से ही मां बम्लेश्वरी के जयकारों की गूंज सुनाई दे रही है। मंदिर प्रबंधन ने नौ दिनों तक चलने वाली परंपरागत आराधना की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं, वहीं रेलवे और जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।

रेलवे ने की विशेष व्यवस्था

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे ने 22 सितंबर से 1 अक्टूबर तक पांच ट्रेनों को डोंगरगढ़ स्टेशन पर अस्थाई ठहराव देने का निर्णय लिया है। इनमें शामिल हैं:

  • 20843/20844 बिलासपुर-भगत की कोठी एक्सप्रेस
  • 20845/20846 बिलासपुर-बीकानेर एक्सप्रेस
  • 12851/12852 बिलासपुर-चेन्नई एक्सप्रेस
  • 12849/12850 पुणे-बिलासपुर एक्सप्रेस
  • 12772/12771 रायपुर-सिकंदराबाद एक्सप्रेस

इसके अलावा, गोंदिया-दुर्ग मेमू पैसेंजर को रायपुर तक विस्तारित किया गया है। साथ ही, 06886/06885 डोंगरगढ़-दुर्ग मेमू पैसेंजर स्पेशल ट्रेन भी संचालित होगी।

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मंदिर में धार्मिक आयोजन

मां बम्लेश्वरी मंदिर में नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना के साथ उत्सव शुरू हुआ। अष्टमी को हवन और नवमी को विसर्जन होगा। मंदिर परिसर में 24 घंटे भक्तों का तांता लगा रहेगा। प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के लिए 1,000 पुलिस जवानों को तैनात किया है, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित दर्शन कर सकें।

मंदिर का ऐतिहासिक महत्व

डोंगरगढ़ का मां बम्लेश्वरी मंदिर लगभग 1,600 फीट ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। श्रद्धालु 1,000 सीढ़ियों या रोपवे के माध्यम से मंदिर तक पहुंचते हैं। स्थानीय परंपराओं और लेखों के अनुसार, यह मंदिर 2,200 वर्ष पुराना है और प्राचीन काल से आस्था का केंद्र रहा है। लोककथाओं में राजा वीरसेन, विक्रमादित्य और पांडवों से जुड़ी कहानियां प्रचलित हैं, हालांकि इनका ठोस पुरातात्विक साक्ष्य सीमित है। मंदिर ट्रस्ट और पर्यटन सूचनाएं इसे क्षेत्रीय इतिहास और लोकश्रद्धा का महत्वपूर्ण केंद्र मानती हैं।

प्रशासन की तैयारियां

जिला प्रशासन ने यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। भीड़ नियंत्रण के लिए कड़े प्रबंध किए गए हैं, ताकि भक्तों को किसी तरह की असुविधा न हो। नवरात्रि के समापन के बाद 2 अक्टूबर 2025 को विजयदशमी मनाई जाएगी।

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