0 वारदात में उपयोग बाइक, कट्टा, कारतूस का खोखा जप्त
कोरबा। जिले के कटघोरा थाना अंतर्गत कसनिया में बुधवार देर रात सिकन्दर मेमन के घर पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने कुल 3 आरोपियों दुर्गेश पांडेय, हर्ष सिंह और आशीष जांगड़े को गिरफ्तार किया है। इन सभी को न्यायालय में पेश कर कटघोरा उपजेल दाखिल करा दिया गया है। एक अन्य मुख्य आरोपी शक्ति सिंह फरार है। पुलिस ने इस मामले को लेकर कोई बड़ा खुलासा नहीं किया है।
मिली जानकारी के मुताबिक 24 सितम्बर की रात फायरिंग के बाद हिरासत में लिए गए आरोपी प्रतापगढ़, उत्तरप्रदेश निवासी शूटर दुर्गेश पाण्डेय ने पूछताछ में स्वीकार किया कि पहले तौसीफ मेमन के पैर पर गोली चलाने की योजना थी, लेकिन बाद में उसके घर पर गोली चलाई गई। उसे 10 हजार रुपये की सुपारी मिली थी।फ़ायरिंग के बाद वह बस से भागने की फिराक में था, किन्तु स्थानीय लोगों की सतर्कता के कारण पकड़ लिया गया।
झाड़ियों के बीच मिला कट्टा
पुलिस ने वारदात में उपयोग बाइक क्रमांक सीजी 12-एम 3082 जप्त किया है। वारदात में इस्तेमाल किए गए कारतूस कर खाली खोखा को कल रात ही बरामद कर लिया गया था। टीआई के साथ टीम ने आरोपी दुर्गेश की निशानदेही पर देशी कट्टा आज कसनिया स्कूल के पास पाइप और झाड़ी के बीच से बरामद किया जो फायरिंग के बाद फेंक दिया गया था।

मुख्य आरोपी की तलाश में पुलिस
इस पुराने रंजिश और प्रेम प्रसंग से जुड़ा होना बताया जा रहा है। मुख्य आरोपी शक्ति सिंह की गिरफ्तारी होने के बाद ही पूरा खुलासा हो सकेगा कि किस वजह से यह साजिश रची गई थी। बताया जा रहा है कि सुपारी लेकर हमला करने आया दुर्गेश पांडेय मानिकपुर कोरबा निवासी आशीष जांगड़े के यहां रुका हुआ था। वह वारदात से पहले 21 सितंबर को ही यहां आ गया था और इन सभी ने मेमन के मकान की रेकी भी की थी। तीसरा आरोपी हर्ष सिंह भी कोरबा का रहने वाला बताया जा रहा है। वही मुख्य आरोपी शक्ति सिंह के कोरबा में राजनैतिक दल और एक संगठन से जुड़े होने की बात कही जा रही है।
दहशत में है मेमन परिवारफिलहाल एसपी सिद्धार्थ तिवारी के मार्गदर्शन में पूरे प्रकरण की जांच जारी है। दूसरी तरफ इस घटना से तौसीफ मेमन और उसका परिवार डरा-सहमा है और सुरक्षा की गुहार लगाई है।


