रायपुर। छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए प्रशासन सख्त हो गया है। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) जे.आर. डहरिया ने औचक निरीक्षण के दौरान बड़ा कदम उठाते हुए 23 शिक्षकों को नोटिस जारी किया। चौंकाने वाली बात यह रही कि भटगांव के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में अकेले 21 शिक्षक लापरवाही करते पकड़े गए। वहीं जमगहन हायर सेकेंडरी स्कूल के 2 शिक्षक बिना सूचना अनुपस्थित मिले।

जिले में लगातार गिरते शिक्षा स्तर पर कलेक्टर ने गंभीर चिंता जताई थी। उनके निर्देश पर हुए इस निरीक्षण में लापरवाही का बड़ा खुलासा हुआ। DEO ने चेतावनी दी है कि जो भी शिक्षक अपने काम में सुधार नहीं करेंगे, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

21 सितंबर को बलौदा बाजार जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. संजय गुहे ने बीईओ राजेंद्र टंडन के साथ निरीक्षण किया। यहां भी हालात अलग नहीं थे। कई स्कूलों में प्राचार्य, शिक्षक और लिपिक या तो अनुपस्थित मिले या फिर ड्यूटी के प्रति लापरवाह। नाराज होकर DEO ने 2 प्राचार्य, 7 व्याख्याता और 3 लिपिक समेत 12 कर्मचारियों को नोटिस थमाया और दो दिन में स्पष्टीकरण मांगा।

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निरीक्षण के दौरान खटियापाटी हाईस्कूल में सुबह 9 बजे तक सिर्फ 4 व्याख्याता मौजूद थे, बाकी अनुपस्थित। उस समय दूसरा पीरियड चल रहा था, लेकिन बच्चे कक्षाओं से बाहर घूम रहे थे और शिक्षक कार्यालय में बैठे पाए गए। इस पर प्राचार्य और 5 अन्य शिक्षकों को नोटिस दिया गया।

टीम जब सुढ़ेला हाईस्कूल पहुंची तो वहां प्रभारी प्राचार्य संतरू सिंह पैकरा पिछले 6 दिन से बिना सूचना के अनुपस्थित मिले। जांच में सामने आया कि पूरे महीने में वे केवल 3 दिन ही स्कूल आए थे। दो महिला कर्मचारी भी लगातार अनुपस्थित पाई गईं।

सुढ़ेला के प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक स्कूलों में मिड-डे मील की गुणवत्ता भी जांची गई। रसोइयों को साफ-सफाई और अच्छे भोजन पर खास ध्यान देने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि लंबे समय से अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई तय है।