राजनांदगांव। शिक्षक का पेशा काफी सम्मानजनक माना जाता है, मगर छत्तीसगढ़ में शिक्षकों के कर्मकांड ने इस पेशे को बदनाम कर रखा है। ऐसे ही चंद शिक्षकों ने अपने व्हाट्सएप ग्रुप में अश्लील वीडियो शेयर कर दिए, जबकि इस ग्रुप में बड़ी संख्या में महिला शिक्षिकाएं भी है। इस वाकए से नाराज शिक्षिकाओं ने थाने में शिकायत कर दी। जिन पांच शिक्षकों ने यह हरकत की है उन्हें डीईओ ने नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।

शिक्षा विभाग में उस वक्त हड़कंप मच गया जब शिक्षकों के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप में अश्लील वीडियो वायरल होने लगा। इस ग्रुप में संकुल समन्वयक, प्राचार्य, व्याख्याता, प्रधान पाठक और शिक्षक जुड़े हुए हैं। इसमें बड़ी संख्या में महिला शिक्षिकाएं भी जुड़ी हुई हैं। विभागीय आदेशों–निर्देशों की जानकारी तथा विभागीय कार्यों के सूचनाओं और संदेशों का आदान-प्रदान इसी व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से होता है। इस व्हाट्सएप ग्रुप में अचानक अश्लील वीडियो वायरल होने लगे। बताया जाता है कि पांच शिक्षकों के व्हाट्सएप नंबर से अश्लील वीडियो ग्रुप में वायरल किए गए हैं।

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अश्लील वीडियो वायरल होने के बाद ग्रुप में हड़कंप मच गया। तत्काल इस पर प्रतिक्रिया आने लगी और ग्रुप के एडमिन्स को वायरल वीडियो को डिलीट करने के लिए सूचित किया गया। जब तक के वीडियो डिलीट होता तब तक काफी लोगों की नजर में यह वीडियो आ चुका था। ग्रुप में इस प्रकार के अश्लील वीडियो से महिला शिक्षिकाएं असहज हो उठी और शर्म से पानी–पानी हो गई।  शिक्षिकाओं ने नाराजगी व्यक्त करते हुए थाने में इसकी शिकायत दर्ज करवाई है।

वहीं मामला संज्ञान में आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास सिंह बघेल ने जिन पांच शिक्षकों के नंबर से वीडियो सरकारी ग्रुप में शेयर किए गए थे उन्हें नोटिस जारी कर 7 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा है। पांचों शिक्षकों से जारी नोटिस में जवाब मांगा गया है कि उनके मोबाइल से आपत्तिजनक सामग्री कैसे प्रसारित हुई। जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास सिंह बघेल का कहना है कि शिक्षा विभाग ने गंभीरता से मामले को संज्ञान में ले पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। जो भी इसमें दोषी पाया जाएगा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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क्या हैक हुआ था शिक्षकों का मोबाइल..?

इस मामले में ऐसी जानकारी सामने आ रही है कि एपीके फाइल भेज कर शिक्षकों का मोबाइल हैक कर लिया गया था। शिक्षकों के मोबाइल में एक संदिग्ध एपीके फाइल भेजी गई थी। इसे क्लिक करते ही उनका व्हाट्सएप अकाउंट हैक हो गया और उसी के बाद हैकर्स ने उक्त मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर ग्रुप में अश्लील वीडियो वायरल किए। वही इस संबंध में शिक्षकों ने भी थाने में शिकायत दर्ज करवा मोबाइल हैकिंग कर वीडियो वायरल करने की सूचना दी है।

पुलिस इस मामले की अलग-अलग एंगल से जांच कर रही है। पुलिस जानकारी जुटा रही है कि हैकिंग एक ही पैटर्न पर किया गया या हैकिंग के लिए अलग अलग पैटर्न अपनाए गए थे। साथ ही हैकिंग कर अश्लील वीडियो प्रसारित करने वाला हैकर कहां से सक्रिय होकर मोबाइल ऑपरेट कर रहा था।

वहीं शिक्षा विभाग ने सभी शिक्षकों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए निर्देश जारी किया है कि किसी भी अनजान लिंक फाइल या वीडियो पर क्लिक न करें और ना ही किसी अनजान लिंक किया वीडियो को साझा करें। विभाग के अनुसार यह साइबर हैकिंग से जुड़ा मामला प्रतीत हो रहा है, पर जांच के बाद यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उस पर सख्त कार्यवाही की जाएगी।

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