टीआरपी डेस्क। एमिरेट्स एयरलाइंस ने 1 अक्टूबर 2025 से अपनी उड़ानों में पावर बैंक के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यात्री 100 वॉट-ऑवर से कम क्षमता वाले पावर बैंक को कैरी-ऑन बैग में रख तो सकेंगे, लेकिन उड़ान के दौरान इसका इस्तेमाल या चार्जिंग पूरी तरह वर्जित रहेगी। नियम तोड़ने पर यात्री को परेशानी हो सकती है।
नई गाइडलाइन की मुख्य बातें
यह कदम यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उठाया गया है। केवल एक पावर बैंक ले जाना होगा, जो 100Wh से कम क्षमता का हो और उसकी जानकारी स्पष्ट रूप से अंकित हो। उड़ान में किसी उपकरण को चार्ज करने या विमान की बिजली से पावर बैंक चार्ज करना मना है।
पावर बैंक से जुड़े अनिवार्य नियम

क्यों लिया गया यह फैसला?
यह प्रतिबंध लिथियम-आयन बैटरी से उत्पन्न थर्मल रनअवे के जोखिम को ध्यान में रखकर लिया गया है। थर्मल रनअवे में बैटरी का तापमान बेकाबू हो जाता है, जिससे आग या विस्फोट का खतरा बढ़ता है। सस्ते या निम्न गुणवत्ता वाले पावर बैंक में सुरक्षा फीचर्स की कमी से समस्या और गंभीर हो जाती है।
अन्य एयरलाइंस का भी कड़ा रुख
एमिरेट्स अकेली नहीं; सिंगापुर एयरलाइंस, कैथे पैसिफिक, कोरियन एयर, ईवीए एयर, चाइना एयरलाइंस और एयरएशिया जैसी कंपनियां पहले से ही पावर बैंक उपयोग पर बैन लगा चुकी हैं। 2023 में एयर बुसान फ्लाइट में पावर बैंक से लगी आग (27 यात्री घायल) जैसी घटनाओं ने इस कदम को मजबूत आधार दिया।
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
सफर से पहले मोबाइल और लैपटॉप पूरी तरह चार्ज कर लें।
फ्लाइट में उपलब्ध इन-सीट चार्जिंग का उपयोग करें (यदि हो)।
पावर बैंक पर क्षमता (100Wh से कम) स्पष्ट लिखी हो।
क्रू के निर्देश मानें, अन्यथा जब्ती या बोर्डिंग रोक संभव।
एमिरेट्स का यह नियम सामूहिक सुरक्षा को मजबूत करेगा।



