Jungle Safari Raipur: रायपुर। रायपुर के जंगल सफारी की बाघिन ‘बिजली’ को इलाज के लिए गुजरात के वनतारा शिफ्ट किया गया है। बाघिन बिजली को यूट्रस और ओरल में इन्फेक्शन है। उसे खाने-पीने में परेशानी हो रही है।
Jungle Safari Raipur: बाघिन की शिफ्टिंग के दौरान छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप भी जंगल सफारी पहुंचे। यहां उन्होंने अधिकारियों से साथ चर्चा भी की। बाघिन को मंगलवार शाम हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस से रवाना किया गया है।
Jungle Safari Raipur: वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बाघिन बिजली को इन्फेक्शन है। हाल के दिनों में उसे खाने-पीने में दिक्कतें आ रही थीं। एक महीने बेहतर इलाज और देखरेख के लिए उसे वनतारा भेजने का निर्णय लिया गया है।
Jungle Safari Raipur: जिसके बाद वनतारा की एक टीम बाघिन को देखने के लिए जंगल सफारी पहुंची थी। उसके बाद उसे वहां शिफ्ट करने का फैसला किया गया। इस दौरान वनतारा की विशेष टीम के अलावा रायपुर जंगल सफारी का स्टाफ, रेलवे के साथ-साथ वन विभाग के अधिकारी भी थे।
Jungle Safari Raipur: रिलायंस फाउंडेशन से संचालित होता है वनतारा प्रोजेक्ट
बता दें कि, वनतारा प्रोजेक्ट रिलायंस फाउंडेशन द्वारा गुजरात के जामनगर में शुरू किया गया एक वन्यजीव बचाव, पुनर्वास और संरक्षण केंद्र है, जिसका प्रबंधन अनंत अंबानी करते हैं. यह सुविधा 3,500 एकड़ में फैली है और यहां जानवरों के लिए विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवा, एक अस्पताल, और प्राकृतिक वातावरण प्रदान किया जाता है।
Jungle Safari Raipur: बाघिन का किया गया था रेस्क्यू
जानकारी के अनुसार, बाघिन का इंद्रावती टाइगर रिजर्व से रेस्क्यू किया गया था। बाघिन इंद्रावती टाइगर रिजर्व में ही घायल हुई थी। उसके बाद उसे बेहतर इलाज के लिए रायपुर स्थिति जंगल सफारी लाया गया था। यहां इलाज के दौरान बाघिन की तबियत ठीक नहीं हुई जिसके बाद उसे वनतारा शिफ्ट करने का फैसला किया गया।
यूट्रस और ओरल में इन्फेक्शन: वन मंत्री
इस मामले में वन मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि, बाघिन बिजली 8 साल की है। जंगल सफारी में पिछले कुछ समय से बीमार चल रही थी। यूट्रस और ओरल में इन्फेक्शन है। इसलिए बेहतर इलाज के लिए ट्रेन से वनतारा भेजा जा रहा है। जहां एक महीने तक इलाज चलेगा।


