दुर्ग। पूजा-पाठ के जरिये पैसा कई गुना करने का झांसा देने वाले ठगों के गिरोह का दुर्ग जिले की पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह भोले-भाले लोगों को “पूजा कर पैसा सौ गुना करने” का झांसा देकर लाखों की ठगी कर रहा था। पुलिस ने इस गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों से 7 मोबाइल फोन, 1 लाख रुपए नकद और एक सफेद अर्टिगा कार जब्त की गई है।
यह पूरा मामला थाना पुलगांव क्षेत्र का है। बीते 1 नवंबर 2025 को स्थानीय निवासी रामकुमार जायसवाल ने थाने में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई कि कुछ लोगों ने पूजा के नाम पर एक लाख रुपए की ठगी कर ली है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए दुर्ग पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और कुछ ही घंटों में इस ठगी का पर्दाफाश कर दिया।
इस तरह बनाते थे आम आदमी को निशाना?
प्रार्थी रामकुमार जायसवाल पेशे से ड्राइवर है और लंबे समय से आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। उसने अपने परिचित राजू (निवासी जामगांव) से अपनी परेशानी साझा की। राजू ने बताया कि महाराष्ट्र में कुछ लोग पूजा-पाठ कर पैसे को “सौ गुना बढ़ा देते हैं” और चाहें तो वह उनसे संपर्क करा सकता है। राजू ने रामकुमार को महाराष्ट्र निवासी छोटू नामक व्यक्ति का मोबाइल नंबर दिया। जब रामकुमार ने छोटू से बात की, तो उसने उसे एक महिला मंदा पासवान का नंबर दिया और कहा कि वही पूजा कर पैसे को बढ़ा सकती है। रामकुमार ने मंदा पासवान से संपर्क किया। उसने खुद को यवतमाल (महाराष्ट्र) की रहने वाली बताया और दावा किया कि वह पहले भी कई लोगों के पैसे “पूजा करके सौ गुना” कर चुकी है। बातचीत में दोनों के बीच 11 लाख रुपए को 11 करोड़ रुपए करने की डील हुई। मंदा ने कहा कि वह दुर्ग आकर पूजा करेगी।
पूजा के बहाने ठगी की बड़ी साजिश
1 नवंबर की शाम मंदा पासवान ने फोन कर बताया कि वह दुर्ग बस स्टैंड पहुंच चुकी है। रामकुमार बस स्टैंड पहुंचा तो उसने देखा कि मंदा सफेद अर्टिगा कार में बैठी थी, जिसमें दो और पुरुष साथी मौजूद थे। महिला ने खुद को पूजा करने वाली बताया और कहा कि उसे पूजा के लिए शांत जगह चाहिए। रामकुमार ने अपने मालिक के खाली पड़े ट्रेनिंग सेंटर में पूजा का इंतजाम किया और अपने मालिक से एक लाख रुपए नकद लेकर आया। महिला ने पूजा के लिए चावल, आटा, नींबू और दो मटका मंगवाए। उसने रात करीब 8 बजे पूजा शुरू की और कुछ देर बाद रामकुमार से कहा कि पांच डिब्बी सिंदूर और लाकर दे दो। रामकुमार जब बाजार से सिंदूर लेकर लौटा, तो देखा कि मंदा पासवान और उसके दोनों साथी मौके से फरार हो चुके थे। एक लाख रुपए और पूजा का सारा सामान गायब था। उसने आसपास खोजबीन की, लेकिन आरोपी नहीं मिले।
शिकायत के बाद पकड़ा गया गिरोह
रामकुमार ने तुरंत थाना पुलगांव पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। थाना प्रभारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया और विशेष टीम गठित की। टीम ने मोबाइल लोकेशन और CCTV फुटेज की मदद से आरोपियों की घेराबंदी की और उन्हें कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं:
मंदा पासवान उर्फ मंदा ठमके उर्फ मंदा वाघमारे (42 वर्ष) — निवासी यवतमाल, महाराष्ट्र
अमरदीप प्रहलाद दामोदर (34 वर्ष) — निवासी श्रीराम कॉलोनी, चिखली, महाराष्ट्र
संजय विलास जमुना (28 वर्ष) — निवासी मारेगांव, यवतमाल, महाराष्ट्र
पुलिस ने आरोपियों के पास से 7 मोबाइल फोन, 1 लाख रुपए नकद, और अर्टिगा कार (जिससे आरोपी भागने की फिराक में थे) जब्त की है। तीनों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
गिरोह की मुखिया है महिला
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय था। ये लोग भोले-भाले ग्रामीणों और छोटे व्यापारियों को “पूजा से पैसा बढ़ाने” का लालच देकर ठगते थे। पहले ये लोग छोटे-छोटे रकम पर सफल प्रयोग का झांसा देते, फिर बड़े अमाउंट पर धोखाधड़ी कर फरार हो जाते थे। आरोपी मंदा पासवान गिरोह की सरगना बताई जा रही है। वह अपने साथियों के साथ अलग-अलग राज्यों में घूम-घूमकर लोगों को फर्जी धार्मिक प्रक्रिया में फंसाती थी। पुलिस को शक है कि यह गिरोह पहले भी कई जगहों पर इस तरह की वारदातें कर चुका है।
दुर्ग पुलिस ने आम लोगों को किया सतर्क
दुर्ग पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की जा रही है। पुलिस इस गिरोह के इंटरस्टेट कनेक्शन की जांच कर रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे झांसे में न आएं और किसी अज्ञात व्यक्ति के कहने पर पैसे न दें। उन्होंने कहा, “इस तरह के मामले धार्मिक आस्था का दुरुपयोग कर भोले लोगों को ठगने का प्रयास हैं। ऐसे किसी भी प्रस्ताव की सूचना तुरंत पुलिस को दें।” फिलहाल तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि गिरोह के और कितने सदस्य अन्य राज्यों में सक्रिय हैं।


