upi digital payment system: UPI को अपनाने वाला 9वां देश बना मलेशिया, भारतीय पर्यटकों को मिली बड़ी राहत, आसान होगा डिजिटल भुगतान
upi digital payment system: UPI को अपनाने वाला 9वां देश बना मलेशिया, भारतीय पर्यटकों को मिली बड़ी राहत, आसान होगा डिजिटल भुगतान

upi digital payment system: नई दिल्ली। भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने वैश्विक स्तर पर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) की अंतरराष्ट्रीय शाखा, एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (NIPL) ने अब मलेशिया में अपनी सेवाएं शुरू कर दी हैं।

इसके साथ ही मलेशिया यूपीआई को अपनाने वाला दुनिया का 9वां देश बन गया है। इसे भारत के डिजिटल ‘नवरत्न’ देशों के समूह के पूरा होने के रूप में देखा जा रहा है। बता दें कि, मलेशिया के साथ अब कुल 9 देश ऐसे हैं जहां भारतीय यूपीआई भुगतान प्रणाली सक्रिय है। फ्रांस, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), मॉरीशस, श्रीलंका, सिंगापुर, भूटान, नेपाल, कतर और अब मलेशिया यूपीआई को अपनाने वाले देश में शामिल हो गया है।

upi digital payment system: भारतीय पर्यटकों के लिए बड़ी राहत

मलेशिया में यूपीआई सेवाओं की शुरुआत भारतीय पर्यटकों के लिए बड़ी सुविधा लेकर आई है। अब उन्हें वहां खरीदारी या सेवाओं के भुगतान के लिए नकद या विदेशी मुद्रा पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। भारतीय यात्री अब अपने मोबाइल पर मौजूद यूपीआई ऐप्स जैसे गूगल पे, फोनपे, पेटीएम आदि का उपयोग कर सीधे भुगतान कर सकेंगे।

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यह निर्बाध डिजिटल भुगतान सुविधा एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (NIPL) और मलेशिया की प्रमुख पेमेंट कंपनी रेजरपे कर्लक (Razorpay Curlec) के बीच साझेदारी से संभव हुई है। इस साझेदारी के तहत भारतीय पर्यटक अब मलेशियाई दुकानदारों को उसी तरह भुगतान कर सकेंगे, जैसे भारत में किसी दुकान पर क्यूआर कोड स्कैन कर भुगतान किया जाता है।

upi digital payment system : कारोबारियों को भी फायदा

यह पहल न केवल भारतीय पर्यटकों के लिए, बल्कि मलेशियाई कारोबारियों के लिए भी फायदेमंद साबित होगी। भारतीय पर्यटक हर साल बड़ी संख्या में मलेशिया जाते हैं, लेकिन अब तक भुगतान की सीमित व्यवस्था के कारण कई बार खरीदारी में दिक्कत होती थी। अब यूपीआई के जरिए भुगतान आसान होने से कारोबारियों के लिए भारतीय ग्राहकों से भुगतान लेना सहज होगा। इससे स्थानीय व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।