टीआरपी डेस्क। आज देशभर में कार्तिक पूर्णिमा का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। यह दिन हरि-हर मिलन का प्रतीक माना जाता है और इसी दिन देव दीपावली का भी पर्व मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान, दान और दीपदान के साथ चंद्र देव की पूजा का विशेष महत्व है।

पूर्णिमा की रात चंद्र देव को अर्घ्य देना अत्यंत शुभ माना गया है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस दिन चंद्रमा की किरणें अमृतमय होती हैं। माना जाता है कि चंद्रमा को अर्घ्य देने से मानसिक शांति मिलती है, नकारात्मक विचार दूर होते हैं और मन स्थिर होता है।

ज्योतिषीय दृष्टि से भी कार्तिक पूर्णिमा का दिन विशेष फलदायी माना जाता है। चंद्रमा को अर्घ्य देने से कुंडली में चंद्र दोष समाप्त होता है और मानसिक संतुलन में सुधार आता है। धार्मिक आस्था के अनुसार, ऐसा करने से व्यक्ति के जीवन में सुख, समृद्धि और सौभाग्य की वृद्धि होती है।

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कार्तिक पूर्णिमा पर चंद्र देव की पूजा से आरोग्य प्राप्त होता है और स्वास्थ्य में सुधार होता है। मान्यता यह भी है कि इस दिन अर्घ्य देने से वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है, आपसी संबंध मजबूत होते हैं और संतान सुख की प्राप्ति का योग बनता है।

देशभर के तीर्थस्थलों पर आज सुबह से ही श्रद्धालु गंगा स्नान और दीपदान के लिए उमड़े हुए हैं। गंगा घाटों पर दीपों की रौशनी से सजी देव दीपावली का दृश्य आस्था और अध्यात्म का अनूठा संगम बना हुआ है।