टीआरपी डेस्क। RTE Students : शिक्षा का अधिकार (RTE) कानून के तहत निजी विद्यालयों में पढ़ रहे बच्चों के बीच में पढ़ाई छोड़ने की समस्या पर रोक लगाने के लिए शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाया है। अब ऐसे बच्चों को नोडल प्राचार्य की अनुमति और अनुशंसा के बिना ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) जारी नहीं किया जा सकेगा। DPI (निदेशक लोक शिक्षण) ने इस संबंध में सभी जिलों को दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए हैं।

विभाग करेगा ड्रॉपआउट छात्रों की काउंसलिंग

पोर्टल से प्राप्त जानकारी के अनुसार, RTE के तहत अध्ययनरत बच्चों में से हर वर्ष लगभग 10% बच्चे कक्षा आठवीं तक पहुंचने से पहले ही स्कूल छोड़ देते हैं। ऐसे बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग ने योजना बनाई है कि TC मांगने वाले अभिभावकों और बच्चों की पहले काउंसलिंग की जाएगी। नोडल प्राचार्य और शिक्षा अधिकारी मिलकर यह समझेंगे कि बच्चे ने पढ़ाई क्यों छोड़ी और उन्हें दोबारा स्कूल में लौटने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

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TC देने से पहले इन शर्तों का करना होगा पालन

  • निजी विद्यालय अब RTE के बच्चों को पालक के आवेदन पर सीधे TC जारी नहीं कर पाएंगे।
  • ऐसे बच्चों की TC जारी करने से पहले नोडल प्राचार्य की सहमति आवश्यक होगी।
  • नोडल प्राचार्य बच्चों और उनके पालकों से मुलाकात कर TC मांगने के कारणों की जांच करेंगे।
  • कारण उचित पाए जाने पर ही लिखित अनुमति दी जाएगी।
  • अनुमति मिलने के बाद ही विद्यालय TC जारी कर सकेगा और संबंधित पोर्टल पर बच्चे की स्थिति ड्रॉपआउट के रूप में दर्ज करनी होगी।
  • भेदभाव या प्रताड़ना की शिकायत पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

यदि किसी बच्चे या पालक द्वारा यह बताया जाता है कि स्कूल में उनके साथ भेदभाव या किसी प्रकार की प्रताड़ना की गई है, तो नोडल प्राचार्य इसकी जानकारी तत्काल जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को देंगे। जांच में तथ्य सही पाए जाने पर संबंधित निजी विद्यालय पर नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

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ड्रॉपआउट दर में आएगी कमी

शिक्षा विभाग का मानना है कि यह व्यवस्था ड्रॉपआउट दर घटाने में मदद करेगी। पहले स्कूलों द्वारा TC जारी होने के बाद विभाग के पास बच्चों की कोई जानकारी नहीं रहती थी, जिससे उनसे दोबारा संपर्क करना मुश्किल होता था। अब TC प्रक्रिया को नियंत्रित कर ऐसे बच्चों को दोबारा पढ़ाई से जोड़ा जा सकेगा।

RTE Students : DPI ने RTE के बच्चों की TC प्रक्रिया को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। बिना नोडल प्राचार्य की अनुमति कोई भी निजी विद्यालय TC जारी नहीं कर सकेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।