टीआरपी। tribal pride : जनजातीय समाज का गौरवशाली अतीत काफी समृद्ध है। इस वर्ष आदिवासी समाज के भगवान बिरसा मुण्डा के 150वीं जयंती पर 15 से 20 नवंबर तक जनजातीय गौरव वर्ष मनाया जा रहा है। जनजातीय गौरव के लिए हम सभी को मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है। उक्त विचार आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने नवा रायपुर स्थित आदिवासी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित कार्यशाला में व्यक्त किया।

20 नवंबर को पहुंचेंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

जनजातीय समाज का गौरवशाली ऐतिहासिक, सामाजिक एवं अध्यात्मिक योगदान’’ विषय पर आयोजित कार्यशाला में मंत्री नेताम ने कहा कि 1 नवंबर से 15 नवंबर तक जनजातीय गौरव पखवाड़ा मनाया जा रहा है। 15 नवंबर को सभी जिलों सहित आश्रम-छात्रावासों में जनजातीय गौरव दिवस का आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर जनजातीय नृत्य, गीत-संगीत, लोक कला, वाद-विवाद, भाषण, पेंटिंग सहित विविध आयामों पर प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। 20 नवंबर को अंबिकापुर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का आगमन प्रस्तावित है।

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युवा पीढ़ी प्रेरणा लें


आदिम जाति कल्याण मंत्री नेताम ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को पुरखों के योगदान से अवगत कराएं ताकि उनसे प्रेरणा ले ओर सही दिशा में भविष्य का निर्माण कर सकें। कार्यशाला को स्वास्थ्य एवं औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम, अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूपसिंह मण्डावी, मुख्य वक्ता रामाधार कश्यप ने भी संबोधित किया।

कार्यक्रम में आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख संिचव सोनमणि बोरा, स्वागत भाषण टीआरटीआई की संचालक हीना अनिमेश नेताम, आयुक्त डॉ. सारंश मित्तर सहित सभी जिलों के सहायक आयुक्त आदिम जाति विकास, वनवासी कल्याण समिति, वनवासी कल्याण आश्रम के पदाधिकारी आदि उपस्थित रहे।