बेमेतरा। जिले में पत्रकारों और जनपद पंचायत सरपंच संघ के बीच विवाद गहराने के बाद बड़ी संख्या में पत्रकारों ने एसपी कार्यालय का घेराव किया। पत्रकारों ने नारेबाजी करते हुए आरोपों को बेबुनियाद बताया और निष्पक्ष जांच की मांग की।
गौरतलब है कि इससे पहले नवागढ़ जनपद पंचायत सरपंच संघ ने 7 नवंबर को कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर पत्रकारों पर विज्ञापन के नाम पर अवैध वसूली, धमकी देने और आरटीआई के दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोप लगाए थे।
एसपी कार्यालय पहुंचने से पहले पत्रकारों की दो घंटे बैठक हुई, जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि प्रशासन ने जल्द जांच नहीं की, तो आंदोलन जिला से राजधानी तक ले जाया जाएगा। प्रेस क्लब के अध्यक्ष दिनेश दुबे ने कहा कि पत्रकारिता कोई व्यापार नहीं बल्कि सेवा है, और जो लोग सच से डरते हैं, वही पत्रकारों पर कीचड़ उछालते हैं।
श्रमजीवी पत्रकार संघ के जिलाध्यक्ष जितेंद्र शुक्ला ने कहा कि यदि सरपंच संघ के पास सबूत हैं तो वे सामने लाएं, अन्यथा झूठ फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। पत्रकारों ने चेतावनी दी कि यदि सच्चाई सामने नहीं आई, तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि सच्चाई और पारदर्शिता के पक्ष में है। पत्रकारों ने प्रशासन को स्पष्ट संदेश दिया कि वे सम्मान चाहते हैं, एहसान नहीं, और सच को दबाने की कोशिश की गई तो कलम आंदोलन का सबसे बड़ा हथियार बनेगी।



