टीआरपी डेस्क। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने विराट कोहली और रोहित शर्मा को स्पष्ट संदेश दिया है कि यदि वे वनडे टीम में बने रहना चाहते हैं, तो उन्हें घरेलू वनडे टूर्नामेंट में हिस्सा लेना अनिवार्य होगा। दोनों खिलाड़ी टेस्ट और टी20 प्रारूप से संन्यास ले चुके हैं और अब केवल वनडे क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। बोर्ड और टीम प्रबंधन का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निरंतर प्रदर्शन के लिए उन्हें घरेलू सर्किट के माध्यम से अपनी फिटनेस और फॉर्म बनाए रखनी होगी।

विजय हजारे ट्रॉफी से संभावित वापसी
रिपोर्ट्स के अनुसार, 24 दिसंबर को होने वाले विजय हजारे ट्रॉफी मुकाबले को इस दिशा में पहला कदम माना जा रहा है। यह मैच दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच होने वाली वनडे सीरीज के बीच के अंतराल में खेला जाएगा। जानकारी के मुताबिक, रोहित शर्मा ने मुंबई क्रिकेट संघ को अपनी उपलब्धता की जानकारी दे दी है, जबकि विराट कोहली की भागीदारी को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

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घरेलू क्रिकेट के महत्व पर जोर
बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बोर्ड और चयन समिति ने दोनों खिलाड़ियों को बता दिया है कि टीम में बने रहने के लिए घरेलू क्रिकेट खेलना जरूरी है। अधिकारी ने कहा कि दो प्रारूपों से संन्यास के बाद अब फिटनेस और मैच लय बनाए रखने का यही सर्वोत्तम तरीका है। हाल ही में चयन समिति के प्रमुख अजीत अगरकर ने भी इस बात पर जोर दिया था कि जब भी खिलाड़ी उपलब्ध हों, उन्हें घरेलू क्रिकेट में भाग लेना चाहिए, ताकि उनकी धार बनी रहे।

रोहित की तैयारी जारी, कोहली पर नजरें टिकीं
रोहित शर्मा इन दिनों मुंबई की शरद पवार इंडोर अकादमी में अभ्यास कर रहे हैं और संकेत दिए हैं कि वे सैयद मुश्ताक अली टी20 टूर्नामेंट में भी हिस्सा ले सकते हैं। दूसरी ओर, विराट कोहली लंदन में हैं और बोर्ड को उम्मीद है कि वे भी जल्द ही घरेलू क्रिकेट में उतरेंगे। दोनों खिलाड़ियों ने पिछले सीजन में एक-एक रणजी ट्रॉफी मैच खेला था। उस समय रोहित ने कहा था कि टेस्ट क्रिकेट खेलने के चलते घरेलू मैचों का समय नहीं मिल पाता, लेकिन अब वे इसे गंभीरता से ले रहे हैं।

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2027 विश्व कप को ध्यान में रखकर रणनीति
अजीत अगरकर ने कहा था कि कोहली और रोहित किसी ‘ट्रायल’ पर नहीं हैं, बल्कि दोनों का अनुभव टीम के लिए अनमोल है। उन्होंने कहा कि 2027 विश्व कप तक टीम में बदलाव संभव हैं, लेकिन फिलहाल दोनों वरिष्ठ खिलाड़ी योजनाओं का अहम हिस्सा बने रहेंगे। चयनकर्ता उनके प्रदर्शन और फिटनेस पर नजर रखेंगे ताकि टीम संतुलित बनी रहे।