टीआरपी डेस्क। DNA Test Report : लाल किले के पास हुए धमाके की जांच में अब बड़ा मोड़ आ गया है। जांच एजेंसियों ने DNA टेस्ट रिपोर्ट के जरिए यह पुष्टि कर दी है कि धमाके के वक्त कार चला रहा व्यक्ति और कोई नहीं, बल्कि आतंकी डॉ. उमर मोहम्मद ही था।
फॉरेंसिक जांच में उमर मोहम्मद के शव के टुकड़ों का DNA उसकी मां के DNA से 100% मैच कर गया है। इस वैज्ञानिक प्रमाण के बाद एजेंसियों ने साफ कहा है कि “कार में धमाके के साथ ही डॉ. उमर मोहम्मद की मौत हो चुकी थी।”
धमाके में 12 की मौत, अब तक 11 की पहचान
लाल किला धमाके में 12 लोगों की मौत हुई थी। इनमें से 10 शवों की पहचान हो चुकी है, जबकि 2 शवों के DNA टेस्ट की प्रक्रिया जारी है। उमर का शरीर धमाके में चिथड़े-चिथड़े उड़ गया था और अवशेष जले हुए मिले थे, जिससे पहचान मुश्किल थी। लेकिन DNA रिपोर्ट सामने आने के बाद अब सिर्फ एक ही शव की शिनाख्त बाकी रह गई है।
ऐसे सुलझा रहस्य
डॉ. उमर मोहम्मद, जो फरीदाबाद विस्फोटक बरामदगी के बाद फरार हुआ था, लेकिन धमाके से पहले मेवात, फिरोजपुर झिरका और फिर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से होकर राजधानी लौटा था। वह सफेद रंग की i20 कार चला रहा था, जिसे उसने 11 दिन पहले खरीदा था। धमाके के बाद कार के मलबे से जले हुए शरीर के टुकड़े बरामद हुए थे।
एजेंसियों ने पुलवामा जाकर उमर की मां का DNA सैंपल लिया और दिल्ली लैब में उसका मिलान कराया गया। रिपोर्ट में सामने आाया कि कार उमर की मां और कार में मिले शव का DNA 100% मैच करता है, जिसके बाद सारी गुत्थी सुलझ गई।
DNA टेस्ट से कैसे हुई पुष्टि
DNA यानी Deoxyribonucleic Acid हर व्यक्ति की पहचान का सबसे सटीक जैविक प्रमाण है। यह शरीर की हर कोशिका में पाया जाता है और बिल्कुल यूनिक होता है लेकिन माता-पिता से एक हद तक मिलता है।
धमाके के बाद कार में मिले अवशेषों DNA सैंपल निकाला गया और अमर के परिवार (इस केस में मां) का रेफरेंस सैंपल लिया गया। STR प्रोफाइलिंग की गई, यानी DNA के खास हिस्सों की तुलना की गई। यदि सभी बिंदु मेल खाते हैं, जिससे 100% रिश्तेदारी की पुष्टि हो गई।
दिल्ली धमाके में ब्लास्ट की गर्मी (1000°C से अधिक) के बावजूद हड्डियों से DNA सुरक्षित मिला। इससे वैज्ञानिकों ने उमर की पहचान निर्णायक रूप से घोषित की।
अब एजेंसियों के फोकस में आतंकी नेटवर्क
डॉ. उमर मोहम्मद को इस ब्लास्ट का मुख्य साजिशकर्ता माना जा रहा था। सूत्रों के मुताबिक, अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि, क्या उमर किसी बड़े आतंकी नेटवर्क का हिस्सा था और उसके संपर्क किन संगठनों से थे।
फरीदाबाद और मेवात से बरामद विस्फोटक, कार की खरीद और दिल्ली तक की उसकी गतिविधियों की CCTV फुटेज व डिजिटल ट्रेल के जरिए पूरी टाइमलाइन तैयार की जा रही है।
DNA Test Report : बहरहाल DNA रिपोर्ट ने लाल किला ब्लास्ट की गुत्थी सुलझा दी है। जिस आतंकी की तलाश देशभर में थी, वह उसी कार में मारा गया जिसमें धमाका हुआ था। अब एजेंसियों का ध्यान इस बात पर है कि उसके सहयोगी कौन थे और दिल्ली धमाके की साजिश कहां तक फैली थी।



