रायपुर। खरोरा स्थित मोजो मशरूम फैक्ट्री में एक बार फिर नाबालिगों से कथित रूप से जबरन श्रम कराने के आरोप में सोमवार शाम श्रम विभाग और खरोरा पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी की। कार्रवाई में 40 बालिकाओं सहित कुल 70 नाबालिग बच्चों को मुक्त कराकर रायपुर लाया गया। सभी बच्चों को उम्र की जांच और काउंसलिंग के लिए माना कैंप भेजा गया है।

अधिकारियों के अनुसार बच्चों के दस्तावेजों और आयु की पुष्टि होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। फैक्ट्री प्रबंधन पर नाबालिगों से अवैध रूप से कार्य कराने का गंभीर आरोप लगा है।

खरोरा थाना प्रभारी ने बताया कि, श्रम विभाग की सूचना पर कार्रवाई की गई। लगभग 70 बच्चे और किशोर फैक्ट्री परिसर से बरामद किए गए जिन्हें सुरक्षित रायपुर पहुंचाया गया। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की पूरी पुष्टि की जाएगी।

छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा ने कहा कि आयोग की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की है। बच्चों की आयु की जांच चल रही है। पूरे मामले की गहन जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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गौरतलब है कि मोजो मशरूम फैक्ट्री पहले भी बाल श्रम और अन्य अनियमितताओं के कारण विवादों में रही है। श्रम विभाग ने पूर्व में भी यहां से सैकड़ों नाबालिगों को मुक्त कराया था। इसके अलावा फैक्ट्री से निकलने वाली दुर्गंध, कर्मचारियों के साथ मारपीट, महिलाओं के अपहरण की कोशिश और दुर्व्यवहार जैसी शिकायतें भी सामने आती रही हैं।

देखा जाएं तो ये दूसरी बार हैं जब मशरूम फैक्ट्री में कार्य करते हुए नाबालिग पकड़ाए हैं। इससे पहले भी कई मामले सामने आ चुके हैं। बावजूद प्रशासन मामले में कार्रवाई करने से बच रहा हैं। अभी तो पुलिस और विभाग द्वारा कार्रवाई करने की बात कहीं जा रही हैं, लेकिन कभी विवाद, कभी शिकायत जैसी जानकारी सामने आने के बाद भी प्रशासन कुम्भकर्णी नींद में सोया हैं या फैक्ट्री प्रबंधन को बचाने में किन्ही बड़े लोगों का हाथ हैं। फिलहाल, मामले की जांच जारी है।