टीआरपी डेस्क। विद्युत वितरण कंपनी अब बकायादारों से वसूली के लिए पारंपरिक तरीकों के बजाय स्मार्ट तकनीक का उपयोग करने जा रही है। पहले बिल का भुगतान न करने पर कर्मचारियों को उपभोक्ताओं के घरों और दुकानों तक जाकर खंभे से विद्युत कनेक्शन काटना पड़ता था, लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद यह प्रक्रिया पूरी तरह तकनीक आधारित हो जाएगी। अब बिजली ऑफिस से ही जीपीएस सिस्टम के माध्यम से कनेक्शन विच्छेद किया जा सकेगा।

कंपनी ने ओएंडएम सर्किल में ऐसे कमर्शियल उपभोक्ताओं की सूची तैयार कर ली है, जिन पर 20 हजार रुपए से ज्यादा का बकाया है। इनकी संख्या करीब 4 हजार है और इनके प्रतिष्ठानों में स्मार्ट मीटर पहले ही स्थापित किए जा चुके हैं। बकाया भुगतान न होने पर इनका कनेक्शन कभी भी काटा जा सकता है।

कई महीनों से बिल भरने वाले उपभोक्ताओं की पहचान जारी

वितरण कंपनी की बकाया राशि में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए रीजन में वसूली अभियान तेज कर दिया गया है। कई महीनों से बिल नहीं भरने वाले उपभोक्ताओं की पहचान की जा रही है और स्मार्ट मीटर आधारित निगरानी व्यवस्था के माध्यम से कार्रवाई की तैयारी है। स्मार्ट मीटर लग जाने के बाद कंपनी को उपभोक्ताओं के घर या दुकान तक जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती और कनेक्शन सीधे कंट्रोल रूम से बंद किया जा सकता है।

See also  1500 से अधिक पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों की कड़ी सुरक्षा के बीच शहर में दुर्गा प्रतिमाओं का हो रहा विसर्जन, ड्रोन के जरिए भी है उपद्रवियों पर नजर

नियम के अनुसार, कमर्शियल उपभोक्ताओं को कनेक्शन काटने से पहले तीन दिनों तक लगातार एसएमएस भेजकर बिल भुगतान की सूचना दी जाएगी। इसके बाद भी राशि जमा नहीं होने पर जीपीएस सिस्टम से बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाएगी। भुगतान होने पर ही कनेक्शन पुनः जोड़ा जाएगा।

सर्किल में अब तक 1.61 लाख स्मार्ट मीटर स्थापित


ओएंडएम सर्किल के बिलासपुर, मुंगेली और पेण्ड्रा डिवीजनों में अब तक 1 लाख 61 हजार पुराने मीटरों को बदलकर स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। सिटी सर्किल में भी स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेजी से जारी है, जहां 80 हजार से अधिक मीटर बदले जा चुके हैं।

घरेलू उपभोक्ताओं पर पहले ही हो चुकी कार्रवाई


इससे पहले ओएंडएम सर्किल के अंतर्गत 1400 घरेलू बकायादारों के कनेक्शन स्मार्ट मीटर के माध्यम से जीपीएस सिस्टम से बंद किए जा चुके हैं। इस कार्रवाई के बाद बकाया वसूली में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। अब कंपनी का फोकस कमर्शियल उपभोक्ताओं से वसूली पर है। कंपनी का मानना है कि स्मार्ट मीटर प्रणाली से वसूली प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और प्रभावी होगी, साथ ही फील्ड स्टाफ पर दबाव भी कम होगा।

See also  अब इथियोपिया में रहस्यमय बीमारी, मरने से पहले लोगों के नाक और मुंह से निकल रहा खून!