‘टीआरपी डेस्क। IAS विकास-शील जिनका पूरा नाम विकासशील गुप्ता है, का जन्म 10 जून 1969 को उत्तर प्रदेश में हुआ। उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीई की पढ़ाई पूरी की । उच्च शिक्षा के दौरान उन्होंने अमेरिका की सिरैक्यूज़ यूनिवर्सिटी से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन और हेल्थ सर्विस मैनेजमेंट में अध्ययन किया,
प्रशासनिक सेवा की शुरुआत
विकास-शील 1994 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारी हैं। शुरुआत में उन्हें मध्य प्रदेश कैडर आवंटित हुआ था, लेकिन छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ कैडर को चुना। जिसके बाद उन्होंने राज्य के प्रमुख प्रशासनिक पदों पर अहम भूमिका निभाई।
प्रमुख पद और अनुभव
अपनी प्रशासनिक यात्रा में उन्होंने जिला स्तर और राज्य स्तर पर कई महत्वपूर्ण पदों का दायित्व संभाला।
- बिलासपुर और रायपुर के कलेक्टर के रूप में उन्होंने सेवा दी
- राज्य शासन में विभिन्न विभागों के सचिव पद पर कार्य किया।
केंद्र सरकार में उनकी भूमिकाएं भी उल्लेखनीय रहीं—
- स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के रूप में कार्य किया।
- जल शक्ति मंत्रालय के तहत “जल जीवन मिशन” के मिशन निदेशक के रूप में ग्रामीण पेयजल आपूर्ति से जुड़े व्यापक कार्यक्रमों का नेतृत्व किया।
जनवरी 2024 में उन्हें एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) में कार्यकारी निदेशक के सलाहकार के रूप में प्रतिनियुक्त किया गया।
4. वर्तमान भूमिका
सितंबर 2025 में विकास-शील को छत्तीसगढ़ का मुख्य सचिव नियुक्त किया गया। उन्होंने इस पद पर सेवानिवृत्त मुख्य सचिव अमिताभ जैन का स्थान लिया।
IAS विकास शील के बारे में
1. विकास शील कौन हैं?
विकास शील भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के वरिष्ठ अधिकारी हैं, जो अपनी प्रशासनिक दक्षता, नीतिगत योगदान और केंद्र व राज्य सरकारों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों के लिए जाने जाते हैं।
2. विकास शील किस कैडर के IAS अधिकारी हैं?
वह छत्तीसगढ़ कैडर के IAS अधिकारी हैं।
3. विकास शील ने किन-किन प्रमुख विभागों में कार्य किया है?
उन्होंने गृह विभाग, वित्त, स्वास्थ्य, परिवहन, ग्रामीण विकास, खनिज संसाधन, उद्योग तथा केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है।
4. विकास शील अपने प्रशासनिक कार्यों के लिए किस बात के लिए विशेष रूप से चर्चित हैं?
वे नीतिगत सुधार, पारदर्शी प्रशासन, बेहतर फील्ड मैनेजमेंट और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रसिद्ध हैं।
5. क्या विकास शील ने केंद्र सरकार में भी सेवाएँ दी हैं?
हाँ, उन्होंने केंद्र में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है, जिनमें मंत्रालयों से जुड़े नीति निर्माण और राष्ट्रीय कार्यक्रमों की मॉनिटरिंग शामिल है।
6. विकास शील के कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धियों में क्या शामिल है?
सार्वजनिक सेवाओं में दक्षता बढ़ाना, राज्य स्तरीय प्रशासनिक सुधार, विभागों के डिजिटलीकरण को बढ़ावा देना और बेहतर संसाधन प्रबंधन को लागू करना उनकी प्रमुख उपलब्धियों में रहा है।
7. वे किस प्रकार के अधिकारी माने जाते हैं?
विकास शील एक कठोर लेकिन न्यायसंगत और परिणाम-उन्मुख अधिकारी के रूप में माने जाते हैं।
8. विकास शील का नेतृत्व शैली कैसी मानी जाती है?
उनकी नेतृत्व शैली प्रोफेशनल, डेटा-आधारित, टीम-ओरिएंटेड और जमीनी हकीकत पर आधारित मानी जाती है।
9. क्या विकास शील ने किसी महत्वपूर्ण राज्य-स्तरीय परियोजना को नेतृत्व दिया है?
हाँ, उन्होंने कई विकासात्मक योजनाओं, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, ग्रामीण विकास कार्यक्रमों और सामाजिक कल्याण योजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन किया है।
10. क्या विकास शील को किसी पुरस्कार या विशेष सम्मान से नवाजा गया है?
समय-समय पर विभिन्न सरकारी एवं संस्थागत मंचों पर उनके कार्यों की सराहना की गई है, विशेष रूप से पारदर्शिता, प्रशासनिक सुधार और नवाचार के क्षेत्रों में।
11. प्रशासनिक सेवा में विकास शील की सबसे बड़ी ताकत क्या मानी जाती है?
उनकी सबसे बड़ी ताकत है—
• नीति निर्माण में दक्षता
• जटिल समस्याओं के समाधान में क्षमता
• टीम का प्रभावी नेतृत्व
• तकनीकी ज्ञान का उपयोग
12. क्या विकास शील सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं?
वे सोशल मीडिया पर बहुत सक्रिय नहीं माने जाते, और सामान्यतः सार्वजनिक बयान कम ही देते हैं।
13. क्या IAS विकास शील का कोई विवाद भी रहा है?
उनका नाम किसी बड़े विवाद से नहीं जुड़ा है। वे एक साफ-सुथरी और कड़े अनुशासन वाली छवि वाले अधिकारी माने जाते हैं।
14. क्या विकास शील ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी काम किया है?
सरकारी प्रतिनिधित्व, प्रशिक्षण और नीति-निर्माण कार्यक्रमों के माध्यम से उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी भागीदारी की है।
15. विकास शील के काम का सबसे बड़ा प्रभाव क्या माना जाता है?
उनके कार्यों का सबसे बड़ा प्रभाव है— प्रशासनिक व्यवस्था में दक्षता और पारदर्शिता का बढ़ना तथा जनता से जुड़ी सेवाओं में सुधार।


