टीआरपी डेस्क। उत्तर प्रदेश के सपा नेता आजम खां (Azam Khan) और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम एक बार फिर कानूनी संकट में घिर गए हैं। दो पैन कार्ड रखने के मामले में एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने दोनों को सात-सात साल की सजा और 50-50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। फैसला आने के बाद पिता-पुत्र को हिरासत में लेकर कड़ी सुरक्षा के बीच रामपुर जेल भेज दिया गया।

यह मामला 2019 में तब दर्ज हुआ था, जब रामपुर के सिविल लाइंस थाने में शहर विधायक आकाश सक्सेना ने शिकायत दी कि अब्दुल्ला आजम के नाम पर दो अलग-अलग पैन कार्ड जारी हुए हैं। इस शिकायत में आजम खां को भी सह-आरोपी बनाया गया था। मामला कई वर्षों से कोर्ट में विचाराधीन था और सोमवार को अदालत ने अपना फैसला सुना दिया।

कोर्ट ने माना कि अब्दुल्ला आजम ने दो पैन कार्ड बनवाए और उनसे लाभ भी प्राप्त किया। सुनवाई पूरी होने के बाद जज शोभित बंसल ने दोनों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। फैसले के समय आजम खां, अब्दुल्ला आजम और विधायक आकाश सक्सेना कोर्ट में मौजूद थे।

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इस प्रकरण की जड़ें 2017 के विधानसभा चुनाव से जुड़ी हुई हैं, जब स्वार सीट से अब्दुल्ला आजम को सपा उम्मीदवार बनाया गया था। आरोप है कि नामांकन के दौरान उन्होंने ऐसे दस्तावेज लगाए थे जिनमें उम्र अधिक दर्शाई गई थी-जिनमें जन्म प्रमाण पत्र के साथ पैन कार्ड भी शामिल था।